कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: पहली खेप को राज्यमंत्री मार्गरीटा ने दिखाई हरी झंडी; नाथू ला दर्रे से बढ़े कदम
विदेश मंत्रालय इस पूरी यात्रा का संचालन कर रहा है। सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े प्रबंधों के बीच तीर्थयात्री आगे बढ़ रहे हैं। दिल्ली से
विदेश मंत्रालय इस पूरी यात्रा का संचालन कर रहा है। सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े प्रबंधों के बीच तीर्थयात्री आगे बढ़ रहे हैं। दिल्ली से रवाना होने के बाद इस जत्थे का अगला पड़ाव सिक्किम होगा। नाथू ला मार्ग अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सुगम व्यवस्था के लिए जाना जाता है। तीर्थयात्रियों में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
सरकार की ओर से यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।कैलाश मानसरोवर की यह यात्रा बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में होती है। यही वजह है कि यात्रा शुरू होने से पहले दिल्ली में सभी यात्रियों की गहन चिकित्सा जांच की गई है। अत्यधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार इस यात्रा की निगरानी कर रहे हैं। इस रूट पर बुनियादी सुविधाओं को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है।यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और कूटनीतिक विरासत का भी एक बड़ा हिस्सा है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा के लिए आवेदन करते हैं।
कड़े चयन मानदंड और मेडिकल टेस्ट के बाद ही भाग्यशाली तीर्थयात्रियों को भोलेनाथ के दर्शन का यह अवसर मिलता है। उद्घाटन समारोह में विदेश राज्यमंत्री ने सभी यात्रियों को सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
