'भूकंप की तरह कांप उठी धरती': चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल, असम विमान हादसे में देश ने खो दिए पांच जांबाज
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार सार्जेंट जितेंद्र शर्मा अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत अग्निवीरवायु दानिश आलम हादसे के वक्त मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार सार्जेंट जितेंद्र शर्मा अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत अग्निवीरवायु दानिश आलम हादसे के वक्त मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बेहद खौफनाक मंजर देखा। एक चश्मदीद ने हादसे की भयावहता बयां करते हुए बताया, 'एक विमान यहां आया और लैंड करने लगा। लैंडिंग से ठीक पहले उससे सफेद धुआं निकला। इसके तुरंत बाद विमान से काला धुआं निकलने लगा और जोर से आवाज होने लगी। उस तेज आवाज के बाद पूरा इलाका इस तरह हिलने लगा जैसे कोई बड़ा भूकंप आ गया हो। जब लोग वहां इकट्ठा हुए, तब देखा कि वहां एक विमान दुर्घटनाग्रस्त पड़ा था।'इस बड़े हादसे के बाद देश और राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वायुसेना के पांचों जांबाज जवानों को नमन किया। हादसे में बलिदान हुए वायुसेना के पांच वीर योद्धाओं के नाम इस प्रकार हैं।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के प्रति इन जांबाज जवानों के साहस और सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद रखा जाएगा। दुख की इस घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम सरकार सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम में हुए वायुसेना के इस दर्दनाक विमान हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि असम में भारतीय वायुसेना के विमान हादसे में हमारे पांच वीर जवानों की बलिदान की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। देश की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन जांबाज सैनिकों को मैं नमन करता हूं। दुख की इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शहीद परिवारों के साथ हैं। पूरा देश इस अपार शोक में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।एएन-32 एक जुड़वां इंजन वाला सैन्य मालवाहक विमान है। भारतीय वायुसेना दुर्गम, ऊंचे और सुदूर इलाकों में रसद पहुंचाने, सामान ढोने और परिचालन सहायता के लिए लंबे समय से इसका इस्तेमाल करती आ रही है। हालांकि, अब इन विमानों की उम्र काफी ज्यादा हो चुकी है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायुसेना अपने पुराने होते जा रहे एएन-32 और आईएल-76 परिवहन विमानों को बदलने की योजना पर काम कर रही है। भविष्य की रणनीतिक और सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए 'मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट' (एमटीए) कार्यक्रम के तहत नए विमानों को बेड़े में शामिल करने की तैयारी है। भारतीय वायुसेना ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा है कि विस्तृत विवरण का इंतजार किया जा रहा है।
