Congress-NCP Merger: ‘राजनीति नहीं, देश बचाने का समय’, कांग्रेस के साथ विलय की अटकलों पर बोलीं सुप्रिया सुले
महाराष्ट्र में आगामी विधान परिषद चुनावों से पहले राजनीतिक गहमागहमी भी है। इसी बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), या एनसीपी (एसपी), के भारतीय राष्ट्रीय
महाराष्ट्र में आगामी विधान परिषद चुनावों से पहले राजनीतिक गहमागहमी भी है। इसी बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), या एनसीपी (एसपी), के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर अटकलें सामने आई हैं। एनसीपी (एसपी) की वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने इस अफवाह में जवाब दिया है। उन्होंने इस तरह के किसी भी घटनाक्रम का साफ खंडन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है और न ही कोई जानकारी मिली है। मीडिया से बात करते हुए सुले ने कहा कि किसी ने भी किसी विधायक, सांसद या किसी और से संपर्क नहीं किया। न ही उनकी पार्टी ने किसी से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि चर्चा कहां से शुरू हुई या किसने इसकी पहल की। उन्होंने बताया कि तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल ही में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ एक निजी बैठक की थी, लेकिन उन्हें उनकी आंतरिक बातचीत की जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि उस बैठक में केवल दोनों नेता ही मौजूद थीं। उन्हें यह भी नहीं पता कि क्या उन्होंने विलय के संबंध में मीडिया को कुछ बताया था और न ही उन्होंने इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी पढ़ी है। 'आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर ध्यान दे' भारत में मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए धर्मनिरपेक्ष, समान विचारधारा वाली क्षेत्रीय पार्टियों के विलय का विकल्प व्यवहार्य हो सकता है या नहीं, इस सवाल के जवाब में उन्होंने तर्क दिया कि देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक स्थिति दयनीय है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक दांव-पेच खेलने का समय नहीं है और राष्ट्र को बचाने की तत्काल आवश्यकता है।उन्होंने मुद्रास्फीति, बढ़ती बेरोजगारी, व्यापक भ्रष्टाचार और लगातार हो रहे दस्तावेजों के रिसाव को नागरिकों के सामने मौजूद गंभीर संकटों के रूप में उजागर किया। उन्होंने कहा कि देश को यह विचार करना होगा कि क्या वह आंतरिक संघर्ष जारी रखना चाहता है या इन मुद्दों को हल करने के लिए कदम उठाना चाहता है।
'राजनीति करने का समय नही' सुले के अनुसार, देश की वर्तमान सामाजिक और आर्थिक स्थिति बेहद नाजुक है। उन्होंने कहा कि यह राजनीति करने का नहीं, बल्कि राष्ट्र को बचाने का समय है। उन्होंने आगे कहा कि देश को यह तय करना होगा कि वह आपसी कलह जारी रखना चाहता है या नीट परीक्षा संकट से प्रभावित छात्रों के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। महंगाई और बेरोजगारी से लोग परेशान सत्ताधारी गठबंधन पर सीधा निशाना साधते हुए सुले ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से नागरिक और किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जिम्मेदारी है कि वे उनकी मदद करें। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी परिवारों को तोड़ने या राजनीतिक दलों को विभाजित करने का काम नहीं किया है और न ही कभी करेंगे। सुले ने एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार द्वारा की जा रही भूख हड़ताल के बारे में भी बात की जो किसानों के लिए न्याय सुनिश्चित करने और पूर्ण कर्ज माफी देने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
