Khabaron Ke Khiladi: '370 की बिरयानी' जैसे विवाद पर कैसे लगेगी रोक? विश्लेषकों ने बताया सोशल अनुशासन का रास्ता
एक कॉमेडी शो में कही गई '370 की बिरयानी' की टिप्पणी पर इस पूरे हफ्ते विवाद होता रहा। मामला इतना बढ़ा कि कॉमेडियन प्रणीत मोरे
एक कॉमेडी शो में कही गई '370 की बिरयानी' की टिप्पणी पर इस पूरे हफ्ते विवाद होता रहा। मामला इतना बढ़ा कि कॉमेडियन प्रणीत मोरे से लेकर अपनी टिप्पणी की वजह से चर्चा में हिमांशु तक को माफी मांगनी पड़ी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक ने इस मामले में प्रतिक्रिया दी। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में भी इस पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पीयूष पंत, समीर चौगांवकर, मिहिर रंजन और अनुराग वर्मा मौजूद रहे। तमाम तरह के स्टेज शो पहले भी होते थे, लेकिन इस तरह की अश्लीलता, इस तरह के विवाद पहले नहीं होते थे।
ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। एक दायरे में रहकर लक्ष्मण रेखा लांघे बिना आप बेहतर तरह से कॉमेडी कर सकते हैं। ऐसे उदाहरण भी रहे हैं। इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए कठोर कानूनी कदम उठाने की जरूरत है। मुझे लगता है कि सबको मिलकर इसे रोकना होगा। अनुराग वर्मा: ये वायरल होने की एक अंधी दौड़ चल रही है। कोई वायरल होने के लिए ट्रेन के सामने खड़ा हो जा रहा है। कोई बंदूक लेकर सोशल मीडिया पर नजर आता है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि इस तरह की सनक करने वाले लोग सफल भी हो रहे हैं।
अंधेरे कमरे में हंसने वाले लोग ही बाहर निकलकर हंगामा भी करते हैं। ये दोहरा रवैया सबसे पहले खत्म करना होगा। पीयूष पंत: आपके व्यवहार की, आपकी भाषा की एक सीमारेखा होनी चाहिए। राजनीति में भी हमने ये देखा है। जिस क्रिएटर को प्रधानमंत्री की तरफ से अवॉर्ड मिलता है उसकी ओर से किस तरह की टिप्पणी आती है ये भी हमने देखा है। पाश्चात्य संस्कृति में आप इस तरह की चीजें देखते हैं। भारत में इस तरह की चीजें स्वीकार नहीं की जाती हैं। मिहिर रंजन: जो लोग इस तरह की चीजें कह रहे हैं, वो कौन हैं।
वो भी तो हमारे आपके बीच के ही लोग हैं। हमें या आपको इसलिए ज्यादा बुरा लग रहा होगा क्योंकि हम आप उस जनरेशन के नहीं हैं। एक 20 या 21 साल के युवा से पूछेंगे तो शायद उसका जवाब कुछ और होगा। सवाल इसका है कि इस चीज की स्वीकार्यता इतनी ज्यादा क्यों है।
