Lucknow, India

निपाह और शिगेला संक्रमण केरल सरकार सख्त: स्वास्थ्य मंत्री बोले- हालात नियंत्रण में, घबराने की कोई जरूरत नहीं

Published 12 June 2026 · health

केरल में निपाह वायरस को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच राज्य सरकार ने राहत भरी जानकारी दी है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा है

केरल में निपाह वायरस को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच राज्य सरकार ने राहत भरी जानकारी दी है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा है कि निपाह से संक्रमित मरीज की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उसके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। राज्य में शिगेला संक्रमण के कुछ मामले भी सामने आए हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। क्या निपाह मरीज की स्थिति में कोई बदलाव आया है? स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि निपाह संक्रमित मरीज की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है और उसकी हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि मरीज के संपर्क में आए लोगों के नमूनों की जांच कराई गई थी, जिनकी सभी रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग को बड़ी राहत मिली है।

अधिकारियों का मानना है कि फिलहाल संक्रमण के फैलने का कोई नया संकेत नहीं मिला है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखी गई है। क्या संपर्क में आए लोगों की जांच में कोई संक्रमण मिला? क्या शिगेला संक्रमण भी चिंता बढ़ा रहा है? क्या सरकार ने लोगों को कोई विशेष सलाह दी है? निपाह वायरस को लेकर चिंता क्यों रहती है? मंत्री ने बताया कि मरीज के संपर्क में आए सभी लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इन नमूनों की जांच पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में की गई। जांच रिपोर्ट में किसी भी व्यक्ति में निपाह संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह सकारात्मक संकेत है, लेकिन वायरस की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता में कोई कमी नहीं बरती जाएगी।निपाह के साथ-साथ शिगेला संक्रमण के कुछ मामले भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तिरुवनंतपुरम, वायनाड और कुछ अन्य क्षेत्रों में शिगेला संक्रमण के मामले दर्ज हुए थे। हालांकि समय रहते उठाए गए कदमों की वजह से स्थिति नियंत्रण में आ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल कोई खतरनाक स्थिति नहीं है और स्वास्थ्य विभाग लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि मई से सितंबर के बीच का समय निपाह संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। उन्होंने लोगों से चमगादड़ों को छूने या उन्हें उकसाने से बचने की सलाह दी। यदि कहीं बड़ी संख्या में चमगादड़ दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को देने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि निपाह संक्रमण को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।निपाह एक जूनोटिक वायरस है, जो मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है।

संक्रमित जानवरों या संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से भी यह संक्रमण फैल सकता है। केरल में पिछले कुछ वर्षों में निपाह के कई मामले सामने आ चुके हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग इस वायरस को लेकर विशेष सतर्कता बरतता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पहचान, संपर्कों की जांच और निगरानी से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।राज्य सरकार का कहना है कि निपाह और शिगेला दोनों मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और किसी बड़े प्रकोप के संकेत नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। फिलहाल प्रशासन का फोकस निगरानी, जांच और रोकथाम के उपायों को प्रभावी बनाए रखने पर है।

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