राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में बड़े बदलाव की तैयारी, सप्लायरों को होगी 5 साल की जेल
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को कहा कि प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति और वितरण को अपराध की श्रेणी में लाने के लिए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में बदलाव किया जाएगा और ऐसे पदार्थों की खिलाडि़यों को आपूर्ति करने वालों को पांच साल तक जेल का सुझाव
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को कहा कि प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति और वितरण को अपराध की श्रेणी में लाने के लिए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में बदलाव किया जाएगा और ऐसे पदार्थों की खिलाडि़यों को आपूर्ति करने वालों को पांच साल तक जेल का सुझाव रखा गया है। जनता से सुझावों के लिए ये संशोधन खेल मंत्रालय की वेबसाइट पर डाले गए हैं।
इनके अनुसार, खिलाड़ी को डोपिंग के उद्देश्य से या उसके संबंध में कोई प्रतिबंधित पदार्थ देता है तो उसे पांच साल तक कारावास या दो लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। मांडविया ने कहा कि यह संशोधित विधेयक संसद के अगले सत्र में लाया जाएगा। खेल मंत्री ने कहा, डोपिंग अब सिर्फ खेलों से जुड़ा एक उल्लंघन नहीं है बल्कि यह खिलाडि़यों का शोषण करने वाला एक संगठित इकोसिस्टम बन चुका है।
सरकार का उद्देश्य खिलाडि़यों की सुरक्षा करना और डोपिंग से लाभ कमाने वाले आपराधिक नेटवर्क को समाप्त करना है। उन्होंने प्रस्तावित ढांचे के बारे में बताया कि सिर्फ डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन या पाजीटिव टेस्ट के आधार पर खिलाड़ी को अपराधी नहीं ठहराया जाएगा। मांडविया ने कहा कि खिलाडि़यों से जुड़े खेलों में उल्लंघन के मामले वर्तमान डोपिंग रोधी ढांचे के तहत ही रहेंगे।
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य अवैध आपूर्ति करने वालों, संगठित गिरोहों, दोषी सहयोगी स्टाफ, तस्करों और खिलाडि़यों को प्रतिबंधित पदार्थ देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है। खबरें और भी
