Lucknow, India

'निष्पक्ष नहीं होंगे अगले चुनाव': इंडिया ब्लॉक के नेताओं से राहुल की अपील- भाजपा को हराना आसान, एकजुट रहें

Published 12 June 2026 · politics

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस हफ्ते की शुरुआत में इंडिया ब्लॉक के नेताओं से कहा कि जनता के आक्रोश को देखते हुए ऐसा लगता

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस हफ्ते की शुरुआत में इंडिया ब्लॉक के नेताओं से कहा कि जनता के आक्रोश को देखते हुए ऐसा लगता है कि अगले आम चुनाव तो पहले ही जीत लिए हैं। लेकिन असली समस्या यह है कि चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होंगे। सभी विपक्षी दलों के नेताओं से एकजुट रहने की अपील 'इंडिया' ब्लॉक की सोमवार की बैठक में उन्होंने सभी नेताओं से एकजुट रहने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि अगर सब मिलकर साथ खड़े हों और विरोध करें तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराना आसान है।

'नीलकंठ की तरह आलोचनाओं को मुस्कराकर स्वीकार करूंगा' राहुल गांधी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि वह सभी आलोचनाओं को स्वीकार करेंगे। उन्होंने नीलकंठ (शिव) का उदाहरण दिया और कहा कि वह भी उनकी तरह हर आलोचनाओं को सहेंगे और उसे मुस्कुराते हुए स्वीकार करेंगे, चाहे वह उनके या उनकी पार्टी के खिलाफ ही क्यों न हो। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर उस भाषण का वीडियो भी साझा किया। उन्होंने बैठक में करीब नौ मिनट का भाषण दिया था। इस बैठक में विपक्षी दलों ने एकजुटता पर जोर दिया था।

इंडिया ब्लॉक की बैठक में क्या तय किया गया? सोमवार को इंडिया ब्लॉक ने तय किया कि नीट और सीबीएसई से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जाएगी और कथित 'वोट चोरी' और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखा जाएगा। 'अब हालात बदल चुके हैं' अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि उनका काम कांग्रेस पार्टी की किसी भी आलोचना का जवाब देना नहीं है, बल्कि सबको साथ जोड़ना है, चाहे कोई भी आलोचना क्यों न हो।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों में भ्रम है। समाजवादी पार्टी, टीएमसी और आरजेडी जैसे कई दल यह मानते हैं कि उनके पुराने राजनीतिक तरीके अभी भी काम करेंगे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। सत्तारूढ़ भाजपा पर क्या आरोप लगाया? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने न्यायपालिका, प्रशासन, खुफिया एजेंसियां और यहां तक कि चुनाव आयोग जैसी सरकारी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है।

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