West Asia Crisis: अमेरिकी नौसेना के हमले पर जयशंकर ने रूबियो से की बात, जताई नाराजगी; 3 भारतीयों की हुई थी मौत
खाड़ी क्षेत्र में हाल ही में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव सामने आया है। इस घटना में
खाड़ी क्षेत्र में हाल ही में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव सामने आया है। इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जिसके बाद भारत ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified. — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026 विदेश मंत्री डॉ.
एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत की और भारत की गंभीर आपत्ति स्पष्ट रूप से सामने रखी। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराई जा सकती।जयशंकर ने अपने आधिकारिक बयान और ट्वीट में लिखा “आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर भारत का कड़ा विरोध दोहराया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। वाणिज्यिक शिपिंग पर इस तरह की घातक कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता।”भारत में ईरान के दूतावास ने अमेरिका द्वारा लगाए गए उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक भारतीय जहाज को लेकर ईरान पर सवाल उठाए गए थे।
दूतावास ने इन दावों को पूरी तरह से निराधार बताया है। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह आरोप कि इस घटना में ईरान की भूमिका है, पूरी तरह गलत और आधारहीन है।उन्होंने इसे एक ऐसा प्रयास बताया, जिसका उद्देश्य वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाना है। बयान में आगे कहा गया कि हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा भारतीय जहाजों पर की गई कार्रवाई के चलते तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है, लेकिन इस गंभीर मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
ईरान ने इन आरोपों को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के किसी देश पर इस तरह का आरोप लगाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
