Lucknow, India

Nipah: केरल में निपाह वायरस के तीन मरीजों को अस्पताल में कराया गया भर्ती, NCDC की टीम आज करेगी दौरा

Published 13 June 2026 · health

मंत्री ने कहा कि नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के विशेषज्ञों की एक टीम शनिवार को जिले का दौरा करेगी। टीम स्थिति का आकलन

मंत्री ने कहा कि नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के विशेषज्ञों की एक टीम शनिवार को जिले का दौरा करेगी। टीम स्थिति का आकलन करेगी और रोकथाम उपायों की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक निपाह वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा, "निपाह का इलाज करा रहे मरीज को आईसीएमआर के दिशानिर्देशों और मेडिकल बोर्ड की सिफारिश के अनुसार मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी की पहली खुराक दी गई है।" उन्होंने बताया कि संपर्क सूची में 10 और लोगों को जोड़ा गया है, जिससे निगरानी में रखे गए संपर्कों की कुल संख्या 87 हो गई है। इनमें से चार लोग सबसे अधिक जोखिम वाली श्रेणी में, 16 उच्च जोखिम वाली श्रेणी में और 67 कम जोखिम वाली श्रेणी में हैं।उन्होंने कहा कि संपर्क सूची में शामिल सभी लोगों की कंट्रोल रूम से दिन में दो बार फोन कॉल के जरिए निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा, "एहतियाती उपायों के तहत स्वास्थ्यकर्मियों ने रामनट्टुकारा नगर पालिका के वार्ड-5 में 286 घरों का सर्वेक्षण किया, जहां निपाह का मामला सामने आया था। इस दौरान बुखार से पीड़ित 12 लोगों की पहचान की गई, लेकिन उनमें से किसी में भी निपाह संक्रमण से जुड़े लक्षण नहीं पाए गए।"उन्होंने बताया कि रामनट्टुकारा नगर पालिका में रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जारी रोकथाम गतिविधियों की समीक्षा की गई। हाल ही में 43 वर्षीय एक व्यक्ति में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उसका इलाज कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।इस बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता पी. विजयन ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने संकेत दिया है कि ऐसे समय में आवश्यक दवाओं की कमी है, जब निपाह से संक्रमित एक मरीज गंभीर हालत में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचाराधीन है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल से मिल रही जानकारी स्वास्थ्य मंत्री के उस दावे के विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि दवाओं की कोई कमी नहीं है और जल्द ही सभी आवश्यक आपूर्ति उपलब्ध करा दी जाएगी।विजयन ने कहा, "अस्पताल प्रशासन यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि दवाएं अस्पताल तक ठीक कब पहुंचेंगी, जिससे जीवनरक्षक दवाओं की समय पर उपलब्धता को लेकर चिंता पैदा हो गई है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कर पाना गंभीर चिंता का विषय है।" उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और युद्धस्तर पर कदम उठाकर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।बुधवार को मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा था कि उपचार और रोकथाम उपायों के लिए जरूरी दवाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा था कि उपचार के लिए आवश्यक दवाओं में से एक, जिसे आयात करना पड़ता है, चेन्नई में उपलब्ध है और उसे जल्द ही कोझिकोड लाया जाएगा।निपाह एक जूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में और कुछ मामलों में इंसानों के बीच भी फैल सकता है।

फ्रूट बैट, जिन्हें फ्लाइंग फॉक्स भी कहा जाता है, इस वायरस के प्राकृतिक वाहक माने जाते हैं। यह संक्रमण गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी और एन्सेफलाइटिस का कारण बन सकता है तथा इसकी मृत्यु दर काफी अधिक होती है।

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