Lucknow, India

पहले छिड़का गंगाजल, फिर संभाली कुर्सी: आरोपी पार्थ चटर्जी के कमरे में विशेष पूजा, नए मंत्री को याद आए भगवान

Published 11 June 2026 · education

विशाल लामा कालचीनी क्षेत्र के विधायक हैं। उनके पास अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी है। पद संभालने के बाद वे पहली

विशाल लामा कालचीनी क्षेत्र के विधायक हैं। उनके पास अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी है। पद संभालने के बाद वे पहली बार राज्य सचिवालय 'नबन्ना' पहुंचे थे। यह दफ्तर सचिवालय की पहली मंजिल पर है।सचिवालय के अधिकारियों ने मंत्री को एक खास जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कमरा नंबर 101 है। पिछली सरकार में पार्थ चटर्जी इसी कमरे में बैठते थे। बैठकों के दौरान वे इसी दफ्तर का इस्तेमाल करते थे। यह बात सुनते ही विशाल लामा सजग हो गए।

उन्होंने तुरंत कमरे में धार्मिक अनुष्ठान कराने का फैसला किया। अधिकारियों के मुताबिक लामा ने साफ कहा कि वे पहले पूरे कमरे में गंगाजल छिड़केंगे। भगवान की प्रार्थना करेंगे। इसके बाद ही वे इस कुर्सी पर बैठेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मंत्री ने ऐसा ही किया। उन्होंने पहले पूरे विधि-विधान से पूजा कराई। इसके बाद ही दफ्तर का कार्यभार संभाला।मंत्री विशाल लामा ने अपने इस कदम को परंपरा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि शुभ कार्य से पहले प्रार्थना करना हमारी संस्कृति है।

उन्होंने बताया कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब भी उन्होंने अपने दफ्तर में पूजा की थी। वे यहां भी बस उसी नियम का पालन कर रहे हैं।बता दें कि पार्थ चटर्जी ममता बनर्जी सरकार में बड़े मंत्री थे। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 23 जुलाई 2022 को गिरफ्तार किया था। उन पर स्कूल नौकरी घोटाले का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद टीएमसी ने उन्हें पांच साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।यह घोटाला बेहद बड़ा था।

इस मामले ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर पर छापेमारी हुई थी। वहां से भारी मात्रा में कैश और गहने मिले थे। नोटों के पहाड़ों की तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं। इस मामले में फंसे पार्थ चटर्जी को लंबे समय बाद राहत मिली। जेल में तीन साल तीन महीने बिताने के बाद, नवंबर 2025 में उन्हें जमानत मिली।

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