AI-171 Crash Anniversary: विमान हादसे में पूर्व CM रूपाणी का भी हुआ था निधन, सीएम भूपेंद्र पटेल ने किया याद
ગુજરાતના પૂર્વ મુખ્યમંત્રી વિજયભાઈ રૂપાણીની પુણ્યતિથિએ તેમને ભાવભરી સ્મરણાંજલિ અર્પણ કરું છું. સ્વ. વિજયભાઈનું સૌમ્ય, સંવેદનશીલ અને સાદગીભર્યું વ્યક્તિત્વ, ગુજરાતની વિકાસયાત્રામાં પારદર્શક અને નિર્ણાયક નેતૃત્વ
ગુજરાતના પૂર્વ મુખ્યમંત્રી વિજયભાઈ રૂપાણીની પુણ્યતિથિએ તેમને ભાવભરી સ્મરણાંજલિ અર્પણ કરું છું. સ્વ. વિજયભાઈનું સૌમ્ય, સંવેદનશીલ અને સાદગીભર્યું વ્યક્તિત્વ, ગુજરાતની વિકાસયાત્રામાં પારદર્શક અને નિર્ણાયક નેતૃત્વ થકી તેઓએ આપેલું યોગદાન, તેમજ ગુજરાત ભાજપના પ્રદેશ પ્રમુખ તરીકે તેમની… Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) June 12, 2026 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, वह विजय रूपाणी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हैं। उन्होंने लिखा, विजयभाई का सरल, संवेदनशील और सौम्य व्यक्तित्व हमेशा याद रहेगा। गुजरात की विकास यात्रा में उनके पारदर्शी और निर्णायक नेतृत्व के साथ-साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके काम को कभी भुलाया नहीं जा सकता। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने भी पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने और गुजरात के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में रूपाणी का योगदान अतुलनीय है।विजय रूपाणी 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे। पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद एअर इंडिया का विमान AI-171 क्रैश हो गया था। इस हादसे में विजय रूपाणी की मौत हो गई थी। यह बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान लंदन जा रहा था। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद यह मेघानी नगर इलाके में स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में जा गिरा।सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, इस भीषण हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी।
इसके अलावा, जमीन पर मौजूद 19 अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी। इस विमान हादसे में एकमात्र व्यक्ति विश्वास कुमार रमेश की जान बच पाई थी, जो सीट नंबर 11A पर बैठा थे। यह भारत की सबसे बड़ी विमान त्रासदियों में से एक थी, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी।हादसा इतना भयानक था कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि भीषण आग और टक्कर के कारण कई पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लेना पड़ा। विजय रूपाणी की पहचान भी डीएनए विश्लेषण के जरिए ही संभव हो पाई थी। शवों को निकालने और जांच के लिए सैकड़ों कर्मियों को तैनात किया गया था।विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अभी भी इस हादसे के कारणों की जांच कर रहा है।
शुरुआती जांच में तकनीकी और परिचालन संबंधी कारणों की ओर इशारा किया गया था, लेकिन अभी तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आई है। इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने बीजे मेडिकल कॉलेज के क्षतिग्रस्त हॉस्टल परिसर को फिर से बनाने की योजना बनाई है। इसे अब पहले से बड़ा और आधुनिक बनाया जाएगा।
