Air India Tragedy: एक वीडियो से बदली जिंदगी, बना एरोप्लेन बॉय; मोबाइल कैमरे में कैद है 260 मौत से पहले का मंजर
आर्यन उस दिन को याद करते हुए बताता है कि वह पहली बार अहमदाबाद गया था। वह अपने पिता मगन असारी के पास कुछ समय
आर्यन उस दिन को याद करते हुए बताता है कि वह पहली बार अहमदाबाद गया था। वह अपने पिता मगन असारी के पास कुछ समय बिताने आया था। उसके पिता सेना से रिटायर होने के बाद वहां एक मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहे थे। आर्यन को 12वीं कक्षा की किताबें भी खरीदनी थीं। वह एयरपोर्ट के पास मेघानीनगर में अपने पिता के किराए के घर की छत पर खड़ा था।
उसने पहली बार इतने करीब से उड़ता हुआ जहाज देखा और उत्साह में आकर अपने दोस्तों को दिखाने के लिए फोन से वीडियो बनाने लगा।आर्यन कहता है, 'अचानक विमान नीचे आने लगा और फिर एक बड़े आग के गोले में बदल गया। मैं बहुत डर गया था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी आंखों के सामने ऐसा कुछ होगा।' वह वीडियो सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर तेजी से फैल गया।
आर्यन रातों-रात मशहूर हो गया और मीडिया वाले उसके घर पहुंचने लगे। वह हर टीवी चैनल पर इंटरव्यू दे रहा था।हादसे के कुछ दिन बाद आर्यन अपने गांव लौट आया और पढ़ाई शुरू की। उसने 12वीं की परीक्षा पास कर ली है और अब कॉलेज में दाखिला लेना चाहता है। गांव में और शादियों में लोग उसे पहचानते हैं और पूछते हैं कि क्या वही एरोप्लेन बॉय है। लेकिन इस शोहरत की एक भारी कीमत उसे चुकानी पड़ी है।आर्यन अब विमानों का वीडियो नहीं बनाता।
उसे डर लगता है कि अगर उसने वीडियो बनाया, तो विमान फिर से क्रैश हो सकता है। वह विदेश जाने का सपना तो देखता है, लेकिन फिलहाल उसमें हवाई जहाज में बैठने की हिम्मत नहीं है। वह कहता है कि वह मंजर आज भी उसे डराता है और वह अभी उड़ान भरने के लिए तैयार नहीं है।
