चमकते शहर और दबा बचपन, बाल श्रम खत्म करने का वादा अधूरा क्यों?
हर साल 12 जून को दुनिया भर में 'बाल श्रम विरोधी दिवस' मनाया जाता है. इस मौके पर तमाम सरकारी और गैर-सरकारी मंचों से बच्चों
हर साल 12 जून को दुनिया भर में 'बाल श्रम विरोधी दिवस' मनाया जाता है. इस मौके पर तमाम सरकारी और गैर-सरकारी मंचों से बच्चों के अधिकारों को लेकर बड़े स्तर पर चर्चाएं होती हैं, साथ ही नई योजनाएं सामने रखी जाती हैं, ताकि भविष्य की रूपरेखा तय की जा सके. लेकिन अगली ही सुबह जब हमआप किसी नुक्कड़ की दुकान या चाय की टपरी पर बैठते हैं, तो एक 15 साल का बच्चा हाथ में केतली लिए पूछता है "साहब, चाय कड़क बनाएं या मीठी?" हम चाय की चुस्की लेते हैं, अखबार में देश और दुनिया की तरक्की की चमचमाती खबरें पढ़ते हैं, फिर उसी बच्चे के हाथ में पैसे थमाकर आगे बढ़ जाते हैं.
