Eartquake: असम में लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर इतनी रही तीव्रता
इतना ही नहीं बीते हफ्ते हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 6 महीनों
इतना ही नहीं बीते हफ्ते हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 6 महीनों में 634 से ज्यादा भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा भूकंप नॉर्थ ईस्ट और नॉर्थ रीजन में आए हैं। इन दोनों क्षेत्रों में कुल 478 भूकंप के झटके महसूस किए गए। हिमालय क्षेत्र में भूकंप का खतरा लगातार बना हुआ है। वैज्ञानिकों ने लंबे समय से इस क्षेत्र पर रिसर्च की है।
खासतौर पर उत्तराखंड क्षेत्र, जहां पिछले 500 वर्षों में कोई बड़ा भूकंप नहीं आया, इसे 'सेंट्रल सीस्मिक गैप' कहा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा भूकंप के जोन-4 और जोन-5 में आता है। इतना ही नहीं बीते हफ्ते हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 6 महीनों में 634 से ज्यादा भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं।
इनमें सबसे ज्यादा भूकंप नॉर्थ ईस्ट और नॉर्थ रीजन में आए हैं। इन दोनों क्षेत्रों में कुल 478 भूकंप के झटके महसूस किए गए।हिमालय क्षेत्र में भूकंप का खतरा लगातार बना हुआ है। वैज्ञानिकों ने लंबे समय से इस क्षेत्र पर रिसर्च की है। खासतौर पर उत्तराखंड क्षेत्र, जहां पिछले 500 वर्षों में कोई बड़ा भूकंप नहीं आया, इसे 'सेंट्रल सीस्मिक गैप' कहा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा भूकंप के जोन-4 और जोन-5 में आता है।
असम के कछार में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.3 रही। भूकंप में किसी तरह से नुकसान की खबर नहीं है। हाल ही में फिलीपींस में विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें 37 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। फिलीपींस में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.8 रही।
