Explainer: एमपी में लगे झटके के बाद भी फायदे में कांग्रेस, किस वजह से राज्यसभा में नहीं बढ़ेंगी BJP की सीटें?
पर कांग्रेस को तो मध्य प्रदेश, गुजरात में नुकसान हुआ है? एनडीए में किस दल को सबसे ज्यादा फायदा हुआ? जिन 24 सीटों पर चुनाव
पर कांग्रेस को तो मध्य प्रदेश, गुजरात में नुकसान हुआ है? एनडीए में किस दल को सबसे ज्यादा फायदा हुआ? जिन 24 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें कांग्रेस के चार सदस्य थे। इनमें मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह, कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, गुजरात से शक्ति सिंह गोहिल और राजस्थान से नीरज डांगी शामिल थे। पार्टी को मध्य प्रदेश और गुजरात में इस बार कोई सीट नहीं मिली। राजस्थान से डांगी फिर से राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे हैं।
वहीं, कर्नाटक में इस कांग्रेस से खरगे के अलावा पवन खेड़ा और मंसूर अली खान जीतने में सफल रहे हैं। यानी दो राज्यों में दो सीटों के नुकासन की भरपाई कर्नाटक से हो गई है। वहीं, तमिलनाडु में विजय की पार्टी को समर्थन का फायदा उसे राज्यसभा की एक सीट के रूप में हुआ है। अब अगर 18 जून को झारखंड में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को जीत मिलती है तो पार्टी को एक और सीट का फायदा होगा।एनडीए में सबसे ज्यादा फायदा चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेदेपा को हो रहा है।
जिन 24 सीटों पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं उनमें से सिर्फ एक सीट तेदेपा के पास थी, अब ये संख्या बढ़कर तीन हो गई है। पवन कल्याण की पार्टी के पास इन 24 में से एक भी सीट नहीं थी। अब उसके पास भी सदस्य होगा। इन दो के अलावा मेघालय में एनपीपी अपनी सीट बरकार रखने में सफल रही है। इस तरह से एनडीए 17 सीटों पर जीत दर्ज कर चुका है।
अगर 18 जून को झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिलती है तो ये आंकड़ा 18 पहुंच जाएगा। वहीं, मिजोरम में एनडीए की सहोयगी एनपीएफ के पास थी। जहां उसने उम्मीदवार भी खड़ा किया है। हालांकि, आंकड़े उसके पक्ष में नहीं हैं।
