मणिपुर में फिर हिंसा: सशस्त्र हमलावरों ने गांव पर बोला धावा; दो की मौत, दो घायल
मणिपुर में हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार तड़के कामजोंग जिले के कुलतूह गांव में अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने हमला
मणिपुर में हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार तड़के कामजोंग जिले के कुलतूह गांव में अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने हमला कर दिया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। हमलावरों ने गांव में अंधाधुंध गोलीबारी करने के साथ कई घरों में आग भी लगा दी। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी नई हिंसक घटना को रोका जा सके।
पुलिस के अनुसार, सुबह करीब साढ़े चार बजे अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमलावर गांव में घुस आए और ग्रामीणों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमले के दौरान करीब सात मकानों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे भारी संपत्ति का नुकसान हुआ।मृतकों की पहचान 35 वर्षीय लेटमिनलुन हाओकिपोप और 23 वर्षीय लुनमिनथांग हाओकिपोप के रूप में हुई है। दोनों कुलतूह गांव के निवासी थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों समुदाय के सक्रिय सदस्य थे। हमले में 28 वर्षीय जांगखोमांग और 27 वर्षीय काममिनलाल घायल हुए हैं।
दोनों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, आगजनी और अवैध हथियारों के इस्तेमाल सहित शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-सी) के तहत स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी नई हिंसक घटना को रोका जा सके।यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हाल ही में लापता हुए छह क्षत-विक्षत शव बरामद होने के बाद राज्य में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था और शांति बहाली के प्रयासों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
