'कांग्रेस की विचारधारा मजबूत': राहुल गांधी बोले- Rss-bjp से लड़ने में यही सबसे सक्षम; बिखर रहीं बाकी पार्टियां
इस बैठक में कांग्रेस के सभी बड़े पदाधिकारी, महासचिव और राज्यों के अध्यक्ष शामिल हुए थे। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि
इस बैठक में कांग्रेस के सभी बड़े पदाधिकारी, महासचिव और राज्यों के अध्यक्ष शामिल हुए थे। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि कांग्रेस आने वाले दो साल में और ज्यादा मजबूत हो जाएगी। राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था बहुत नाजुक मोड़ पर है। इसके लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कारणों को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को खुद जवाब देना चाहिए।राहुल गांधी ने आदिवासियों के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ खास राज्यों में आदिवासियों के सांविधानिक अधिकारों को जानबूझकर कुचला जा रहा है। उन्होंने इसके लिए मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह का नाम लिया। उन्होंने कहा कि नियमों को इसलिए तोड़ा जा रहा है ताकि प्रधानमंत्री के पसंदीदा उद्योगपतियों को सीधे फायदा पहुंचाया जा सके।राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भारी संकट से गुजर रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के अंदर बड़ी बगावत हो गई है। इससे पार्टी बेहद कमजोर हो गई है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 80 विधायकों में से 58 विधायक टूट चुके हैं। इन बागी विधायकों ने निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के साथ मिलकर विधानसभा में नया विपक्षी गुट बना लिया है। बागी नेताओं का दावा है कि उनके साथ और भी विधायक आ रहे हैं।यह झगड़ा अब संसद तक पहुंच गया है।
सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी गुट ने दावा किया है कि उन्हें 20 से ज्यादा लोकसभा सांसदों का समर्थन हासिल है। इसी बिखराव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बाकी पार्टियां टूट रही हैं, लेकिन कांग्रेस वैचारिक रूप से पूरी तरह एकजुट है।
