'ये बेबुनियाद बातें हैं': कांग्रेस ने टीएमसी के विलय की खबरों का किया खंडन, बताया क्यों सोनिया से मिली थीं ममत
वेणुगोपाल ने आगे कहा, 'यह बैठक सिर्फ इंडिया गठबंधन की चर्चा का एक विस्तार मात्र थी। क्योंकि आज हर कोई इंडिया गठबंधन को मजबूत करना
वेणुगोपाल ने आगे कहा, 'यह बैठक सिर्फ इंडिया गठबंधन की चर्चा का एक विस्तार मात्र थी। क्योंकि आज हर कोई इंडिया गठबंधन को मजबूत करना चाहता है। इस जनविरोधी और अलोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ लड़ाई को हर कोई धार देना चाहता है।' उन्होंने साफ लहजे में कहा, 'हम इस रास्ते पर साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। हमारी बातचीत का एकमात्र बिंदु यही था, इसके अलावा और कुछ नहीं।'दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में दोबारा विलय की अटकलों को तब बल मिला, जब तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से अकेले में मुलाकात की।
इसके ठीक अगले दिन बुधवार को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से वन-टू-वन मुलाकात की थी। इन बैक-टू-बैक मुलाकातों के बाद सियासी गलियारों में कयासबाजी तेज हो गई थी।हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के नए लेकिन बहुसंख्यक गुट के नेता और सदन में आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने भी कांग्रेस और तृणमूल के विलय की किसी भी संभावना को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने आने वाले तीन महीनों के लिए एक बड़े राष्ट्रीय स्तर के अभियान की घोषणा की।
इस अभियान के तहत पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेगा। कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों, सामाजिक असमानता और खाड़ी संघर्ष के मद्देनजर कमजोर कूटनीति के मुद्दों पर सरकार को
घेरेगी। वेणुगोपाल ने कहा कि हम अगले तीन महीनों के लिए राष्ट्रीय स्तर का अभियान शुरू कर रहे हैं। कांग्रेस के हर नेता और कार्यकर्ता को मैदान में और सड़कों पर होना चाहिए।
