Lucknow, India

बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य:caa लागू, BSF को फेंसिंग के लिए जमीन दी; 12 दिन में सरकार के 12 फैसले

Published 21 May 2026 · politics

बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य: CAA लागू, BSF को फेंसिंग के लिए जमीन दी; 12 दिन में सरकार के 12 फैसले कोलकाता सरकार ने 19 मई को आदेश जारी किया, लेकिन मीडिया को इसकी जानकारी 21 मई को मिली। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक

बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य: CAA लागू, BSF को फेंसिंग के लिए जमीन दी; 12 दिन में सरकार के 12 फैसले कोलकाता सरकार ने 19 मई को आदेश जारी किया, लेकिन मीडिया को इसकी जानकारी 21 मई को मिली। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश 19 मई को जारी किया गया। जानकारी गुरुवार को सामने आई। सरकार के आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा। नए आदेश के बाद अब क्लास शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) में वंदे मातरम गाना जरूरी होगा। इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान 'जन गण मन' और कवि गुलाम मुस्तफा की 'अनंत असीम प्रेममय तुमी' (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी। शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को सीएम पद की शपथ ली थी। 9 मई को शुभेंदु सीएम बने, 12 दिनों में बंगाल सरकार के 12 बड़े फैसले… BSF को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपना- भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और बाड़ (फेंसिंग) लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 एकड़ जमीन 45 दिनों के भीतर दी जाएगी, जिससे सीमा से जुड़ा पुराना विवाद खत्म होगा। भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और बाड़ (फेंसिंग) लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 एकड़ जमीन 45 दिनों के भीतर दी जाएगी, जिससे सीमा से जुड़ा पुराना विवाद खत्म होगा। बंगाल में CAA की प्रक्रिया शुरू- CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा। पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी। CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा।

पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी। आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाओं को लागू करना- पश्चिम बंगाल सरकार अब केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत' योजना से जुड़ गई है, जिसके तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। पश्चिम बंगाल सरकार अब केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत' योजना से जुड़ गई है, जिसके तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। जनगणना को शुरू करने का फैसला- राज्य में काफी समय से अटकी पड़ी जनगणना को तुरंत शुरू करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जून 2025 के इस आदेश पर पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था। राज्य में काफी समय से अटकी पड़ी जनगणना को तुरंत शुरू करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जून 2025 के इस आदेश पर पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था। सरकारी नौकरियों की उम्र सीमा में छूट- सरकारी नौकरियों और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने आवेदन की उम्र सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला किया है। राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में CM शुभेंदु अधिकारी ने 20 मई को पहली कैबिनेट बैठक की। अफसरों को केंद्रीय ट्रेनिंग पर भेजने की मंजूरी- पुरानी नीति को बदलते हुए अब राज्य के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और डब्लूबीपीएस (WBPS) अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी गई है। पुरानी नीति को बदलते हुए अब राज्य के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और डब्लूबीपीएस (WBPS) अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी गई है। भारतीय न्याय संहिता को अपनाना- सरकार ने राज्य में नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों (जैसे भारतीय न्याय संहिता) को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। ये कानून पुराने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह लेंगे, जिन्हें पिछली सरकार ने राज्य में आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया था।

सरकार ने राज्य में नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों (जैसे भारतीय न्याय संहिता) को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। ये कानून पुराने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह लेंगे, जिन्हें पिछली सरकार ने राज्य में आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया था। हिंसा पीड़ित बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को मदद- साल 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकारी नौकरी या आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार इन मामलों की दोबारा जांच कराने और पीड़ित परिवारों को पूरी कानूनी सहायता देने के लिए भी तैयार है। साल 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकारी नौकरी या आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार इन मामलों की दोबारा जांच कराने और पीड़ित परिवारों को पूरी कानूनी सहायता देने के लिए भी तैयार है। धर्म आधारित कल्याणकारी योजनाओं को बंद किया- मदरसा विभाग और अन्य धर्मों से जुड़ी वित्तीय सहायता वाली योजनाओं को जून महीने से बंद करने का फैसला लिया गया है। सरकार अब बिना किसी भेदभाव के सबके लिए समान योजनाएं चलाएगी। मदरसा विभाग और अन्य धर्मों से जुड़ी वित्तीय सहायता वाली योजनाओं को जून महीने से बंद करने का फैसला लिया गया है। सरकार अब बिना किसी भेदभाव के सबके लिए समान योजनाएं चलाएगी। अन्नपूर्णा योजना- महिलाओं के लिए 1 जून से 'अन्नपूर्णा योजना' शुरू होने जा रही है, जिसके तहत उन्हें हर महीने 3,000 रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी। इसके अलावा 1 जून से ही राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए सफर पूरी तरह मुफ्त कर दिया जाएगा। महिलाओं के लिए 1 जून से 'अन्नपूर्णा योजना' शुरू होने जा रही है, जिसके तहत उन्हें हर महीने 3,000 रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी। इसके अलावा 1 जून से ही राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए सफर पूरी तरह मुफ्त कर दिया जाएगा। पुरानी नियुक्तियां रद्द- प्रशासन को दुरुस्त करने के लिए सरकारी बोर्डों, निगमों और आयोगों में मनोनीत किए गए अध्यक्षों और निदेशकों को पद से हटा दिया गया है।

साथ ही रिटायरमेंट के बाद दोबारा नौकरी पर रखे गए अफसरों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। प्रशासन को दुरुस्त करने के लिए सरकारी बोर्डों, निगमों और आयोगों में मनोनीत किए गए अध्यक्षों और निदेशकों को पद से हटा दिया गया है। साथ ही रिटायरमेंट के बाद दोबारा नौकरी पर रखे गए अफसरों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। गोहत्या पर नया नोटिस- सरकार ने गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि बिना 'फिटनेस सर्टिफिकेट' के किसी भी मवेशी-भैंस की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंध है। केंद्र का आदेश- जन गण मन से पहले गाया जाएगा वंदे मातरम इस साल 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य परेड की थीम वंदे मातरम रखी गई थी। परेड के दौरान वंदे मातरम की झांकी भी निकली थी। केंद्र सरकार ने 11 फरवरी को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए थे। आदेश में साफ लिखा था कि अगर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। आदेश के मुताबिक सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत बजाने के बाद ही होगी। नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे।

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