RG Kar Case: पीड़िता के डिनर करने से लेकर अंतिम संस्कार तक क्या हुआ? अब CBI-SIT करेगी जांच; हाईकोर्ट का फैसला
कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई को एसआईटी बनाने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ ने कहा कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पूर्व) इस टीम का नेतृत्व करेंगे। टीम के अन्य दो सदस्यों के नाम अदालत
कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई को एसआईटी बनाने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ ने कहा कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पूर्व) इस टीम का नेतृत्व करेंगे। टीम के अन्य दो सदस्यों के नाम अदालत के आदेश के 48 घंटों के भीतर तय किए जाएंगे। अदालत ने इस घटना के सामाजिक प्रभाव को देखते हुए यह फैसला लिया है।यह एसआईटी उन आरोपों की जांच करेगी जिनमें कहा गया है कि घटना के तुरंत बाद सबूतों को नष्ट किया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई।
जांच टीम उस समय से अपनी पड़ताल शुरू करेगी जब ट्रेनी डॉक्टर ने 9 अगस्त 2024 की रात को अस्पताल में खाना खाया था। इसके बाद से लेकर अगले दिन शाम को उनके अंतिम संस्कार तक की पूरी कड़ी को जोड़ा जाएगा।मृतक डॉक्टर के माता पिता ने कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया था कि उनकी बेटी के साथ हुई दरिंदगी में एक से अधिक व्यक्ति शामिल थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि प्रशासन ने शुरू से ही मामले को दबाने का प्रयास किया।
अदालत ने एसआईटी को निर्देश दिया है कि वह 25 जून तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई होगी।आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अगस्त 2024 में एक पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे देश के डॉक्टर सड़कों पर उतर आए थे और बंगाल सरकार की काफी आलोचना हुई थी।
इस मामले में पुलिस ने नागरिक स्वयंसेवक संजय राय को गिरफ्तार किया था जिसे बाद में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
