Lucknow, India

केरलम में निपाह वायरस का पहला मामला, मरीज वेंटिलेटर पर:इस साल राज्य में पहला केस, हॉस्पिटल स्टॉफ क्वारंटीन; 8 साल में छठी बार संक्रमण

Published 11 June 2026 · india

केरलम में इस साल निपाह वायरस का पहला केस मिला है। इसकी जानकारी गुरुवार को सामने आई। मरीज 43 साल का है और कोझिकोड का

केरलम में इस साल निपाह वायरस का पहला केस मिला है। इसकी जानकारी गुरुवार को सामने आई। मरीज 43 साल का है और कोझिकोड का रहने वाला है। राज्य सरकार ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मरीज को हल्का बुखार आने पर प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। बाद में कोझिकोड मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उसकी हालत गंभीर है और वह वेंटिलेटर पर है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा, मरीज कई लोगों के संपर्क में आया था। अस्पताल के स्टाफ और उसके संपर्क में आए संभावित लोगों को क्वारंटीन रहने को कहा गया है। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।

2018 के बाद से केरलम में 6वीं बार संक्रमण फैला है। आखिरी बार दो साल पहले 2024 में दो केस मिले थे। इनमें एक की जान चली गई थी। मरीज निपाह वायरस की चपेट में कैसे आया अधिकारियों के मुताबिक, मरीज ने हाल ही में एक गोदाम किराए पर लिया था और खुद उसकी सफाई की थी। आशंका है कि इसी दौरान वह संक्रमण की चपेट में आया। निपाह वायरस मुख्य रूप से फ्रूट बैट (फल खाने वाले चमगादड़ों) से फैलता है। अब आगे क्या... 1998 में मलेशिया में निपाह का पहला केस सामने आया 1998-99 में पहली बार मलेशिया के सुंगाई निपाह गांव में इस वायरस की पहचान हुई। इसी गांव के नाम पर इसका नाम निपाह वायरस रखा गया।

यह वायरस चमगादड़ से फैला था। चमगादड़ों से वायरस सूअरों तक पहुंचा। सूअरों के फार्म में काम करने वाले लोगों संक्रमित हुए। मलेशिया में 100 लोगों की मौत हुई लगभग 265 लोग संक्रमित हुए हुए थे। 100 से अधिक लोगों की मौत हुई। संक्रमण रोकने के लिए सरकार को 10 लाख से ज्यादा सूअरों को मारना पड़ा। इससे मलेशिया के पोर्क इंडस्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। मलेशिया के बाद निपाह वायरस कहां-कहां फैला मलेशिया के बाद यह वायरस बांग्लादेश, भारत, सिंगापुर, फिलीपींस में फैला। कंबोडिया और थाईलैंड में भी वायरस के कुछ केस मिले थे। हालांकि यह ज्यादा नहीं फैल पाया। भारत में 2001 में पहला निपाह केस सामने आया था भारत में 2001 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में पहली बार निपाह फैला था।

तब 66 मामले सामने आए थे जिसमें 45 मौतें हो गईं थीं। इसके बाद 2007 में बंगाल के नादिया में पांच केस सामने आए, सभी की मौत हो गई। 2018 मे केरलम में निपाह ने एंट्री ली और अब तक 8 सालों में छह बार निपाह के केस सामने आ चुके हैं। भारत में संक्रमण का पैटर्न अलग क्यों है मलेशिया में वायरस मुख्य रूप से सूअरों के जरिए फैला था। लेकिन भारत और बांग्लादेश में अधिकतर मामलों में यह चमगादड़ों से फैला। फिजिकल हेल्थ से जुड़ी

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