Messi India Tour: कलकत्ता हाईकोर्ट से अरूप विश्वास को राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक; अदालत ने लगाई कई शर्तें
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसी कानून के अनुसार जांच जारी रखेगी। अगर अरूप विश्वास को कोई नोटिस जारी किया जाता है, तो
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसी कानून के अनुसार जांच जारी रखेगी। अगर अरूप विश्वास को कोई नोटिस जारी किया जाता है, तो उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा। साथ ही जांच एजेंसी को कम से कम नोटिस देना होगा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अरूप विश्वास को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। अगर वह नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, तो पुलिस इस मामले को अदालत के संज्ञान में ला सकती है।अदालत ने उन्हें सात दिनों के भीतर अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा अदालत की अनुमति के बिना वह अपने आवासीय क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे।मामला पिछले वर्ष 13 दिसंबर को सॉल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के 'GOAT इंडिया टूर' कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
आरोप है कि भीड़ प्रबंधन में अव्यवस्था के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी और सुरक्षा कारणों से मेसी को कार्यक्रम से समय से पहले लौटना पड़ा था।अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि यही कार्यक्रम अन्य शहरों में बिना किसी समस्या के आयोजित हुआ था, लेकिन कोलकाता में हुई घटना से शहर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम संरक्षण देने से आरोपों की गंभीरता कम नहीं होती। सुनवाई के दौरान अदालत ने अरूप विश्वास और मेसी के बीच कथित निकटता को लेकर भी सवाल उठाए और पूछा कि कोलकाता में कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था की स्थिति क्यों पैदा हुई।अदालत ने कहा, "यह कार्यक्रम तीन अन्य शहरों में बिना किसी परेशानी के आयोजित हुआ, लेकिन कोलकाता में ही अराजकता क्यों हुई?" याचिकाकर्ता और कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता के वकील ने अदालत को बताया कि कार्यक्रम के लिए 70,000 टिकट जारी किए गए थे।
उनके अनुसार, अरूप विश्वास ने अकेले अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए 22,000 टिकट लिए थे।सताद्रु दत्ता के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि अरूप विश्वास ने इन टिकटों को कई क्लबों को बेचा था। अदालत ने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय को मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी जांच करने को कहा गया है कि कार्यक्रम का सुचारू आयोजन क्यों नहीं हो सका। अदालत ने जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर पेश करने का आदेश दिया है।पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था। उनके वकील किशोर दत्ता ने अदालत का ध्यान मेसी कार्यक्रम से जुड़े मामले में गिरफ्तारी की आशंका की ओर दिलाते हुए संरक्षण की मांग की थी।
कुछ दिन पहले पुलिस ने युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित मेसी के कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। सताद्रु दत्ता ने अरूप विश्वास और कई अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
