'वर्क फ्रॉम होम' सबको चाहिए लेकिन लोगों को नहीं दिख रहा ये नुकसान
कोविड-19 का दौर शायद ही कोई भूल सकता है. एक अनजान से वायरस ने आकर ना केवल भारत को बल्कि पूरी दुनिया को थमने पर
कोविड-19 का दौर शायद ही कोई भूल सकता है. एक अनजान से वायरस ने आकर ना केवल भारत को बल्कि पूरी दुनिया को थमने पर मजबूर कर दिया था. इस महामारी ने लोगों को घरों में कैद कर दिया था. अगर उन्हें अपनी जान बचानी थी तो घर के बाहर कदम नहीं रखना था, लेकिन सर्वाइवल के लिए लोगों के लिए काम करना भी मजबूरी थी.
ऐसे में कंपनियां कुछ ऐसा तरीका ढूंढ रही थीं जिससे उनका बिजनेस ठप ना हो और लोगों की नौकरी भी बची रहें. उस समय कंपनीज वर्क फ्रॉम होम की सुविधा लाई थीं, जिसमें लोगों को घर बैठे नौकरी करने का मौका मिला. महामारी के दिनों में लोगों की जिंदगी में आया वर्क फ्रॉम होम उसके बाद से लाखों लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गया है.
ऑफिस आने-जाने की झंझट खत्म हुई, समय बचा और काम में फ्लेक्सिबिलिटी भी मिली. यही वजह है कि आज भी बहुत से लोग घर से काम
करने का ऑप्शन छोड़ना नहीं चाहते हैं. यहां तक कि लोग इस सुविधा के लिए अपनी सैलरी में भी थोड़ा बहुत कंप्रोमाइज करने के लिए तैयार हैं.
