Lucknow, India

36 हजार भारतीय सिम कंबोडिया में एक्टिव:साइबर धोखाधड़ी के लिए इन्हीं में से 5,300 कार्ड का इस्तेमाल किया गया

Published 9 June 2026 · world

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कंबोडिया से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान और पंजाब में बड़े पैमाने पर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कंबोडिया से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान और पंजाब में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। जांच में खुलासा हुआ है कि हजारों भारतीय सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिव कर विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाए जा रहे थे, जिनका इस्तेमाल भारत में बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था। जांच के दौरान एजेंसी ने करीब 2.3 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया।

इसमें सामने आया कि लगभग 36 हजार भारतीय सिम कार्ड कंबोडिया में सक्रिय थे। 5300 सिम भारत में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल इनमें से करीब 5300 सिम कार्ड सीधे तौर पर भारत में साइबर फ्रॉड के मामलों में इस्तेमाल किए गए। जांच एजेंसियों के अनुसार इन नंबरों के जरिए देशभर में सैकड़ों करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जोधपुर साइबर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की।

5 जून को शुरू हुई इस कार्रवाई के तहत राजस्थान के किशनगढ़, नागौर और जोधपुर के साथ पंजाब के लुधियाना में कुल सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान ईडी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 14 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मलेशियाई नागरिकों के जरिए भेजी जाती थीं सिम ईडी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। सिम विक्रेता टेलीकॉम कंपनियों की पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) आईडी का उपयोग कर लोगों को नया सिम लेने या मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के बहाने बुलाते थे।

कम पढ़े-लिखे और जागरूकता की कमी वाले लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड भी सक्रिय कर दिए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को मलेशियाई नागरिकों के जरिए कंबोडिया भेजा जाता था। ……………………………

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