Lucknow, India

Border Safety: लाल आतंक के बाद अब सुरक्षित सरहद बनी सरकार का मिशन, जानिए क्या है सरकार की योजना

Published 10 June 2026 · politics

उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि सीमा को अभेद्य बनाने का खाका खींचा जा चुका है। सरकार चरणबद्ध तरीके से पहले अति संवदेनशील, फिर संवेदनशील

उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि सीमा को अभेद्य बनाने का खाका खींचा जा चुका है। सरकार चरणबद्ध तरीके से पहले अति संवदेनशील, फिर संवेदनशील और अंत में अन्य सीमा क्षेत्रों को घुसपैठ, तस्करी, ड्रोन के जरिये ड्रग्स, नकली नोटों की आपूर्ति से मुक्त बनाएगी। फिलहाल इसके लिए जिन 8 अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चुना गया है, उनमें पाकिस्तानी सीमा पर पंजाब और कश्मीर के दो-दो, गुजरात के एक, म्यामार से सटे नगालैंड, मिजोरम, मणिपुर के एक-एक क्षेत्र शामिल हैं।इस योजना के जद में सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सीमा ही नहीं बल्कि सीमावर्ती गांव भी आएंगे।

पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भुटान, म्यामार, चीन से सटे गांवों को सामरिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, पटवारी से लेकर सरपंच तक की सहायता ली जाएगी।सरहद को अभेद्य बनाने के लिए सरकार स्वदेशी ड्रोन की सेवा लेगी। सूत्र ने बताया कि डीआरडीओ समेत कई संस्थानों ने हाल में कई ड्रोन विकसित किए हैं। इनमें इंद्रजाल, भार्गवास्त्र, दिव्यास्त्र, नागास्त्र जैसे अलग-अलग खूबियों से लैस ड्रोन हैं।

सरहज की निगरानी और घुसपैठ रोकने केलिए ऐसे ही ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।असुरक्षित सीमा के कारण देश को कई संकटों का सामना करना पड़ा है। आतंकवाद, नशे के कारोबार, हथियारों, नकली नोटों की आपूर्ति देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए ही नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती है। यही कारण है कि अब सरकार की नजर सरहद को हर दृष्टि से अभेद्य बनाने पर है।बंगाल में हर हाल में फेंसिंग पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन से केंद्र उत्साह में है।

सूत्र ने कहा कि पश्चिम बंगाल अकेला ऐसा राज्य था, जो सीमा सुरक्षा के मामले में रुचि नहीं ले रहा था। सत्ता परिवर्तन के बाद युद्ध स्तर पर फेंसिंग से बचे सीमाओं में बाड़ लगाने का काम पूरा किया जाएगा।

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