शाह ने किया सिस्टम का उद्घाटन: तीन वर्षों में 11 नए लैंड पोर्ट होंगे विकसित, वर्तमान में 15 संचालित
शाह ने कहा, देश में फिलहाल 15 लैंड पोर्ट संचालित हैं। अगले तीन वर्षों में 11 और लैंड पोर्ट विकसित करने की योजना है। एलपीएमएस
शाह ने कहा, देश में फिलहाल 15 लैंड पोर्ट संचालित हैं। अगले तीन वर्षों में 11 और लैंड पोर्ट विकसित करने की योजना है। एलपीएमएस और स्मार्ट बॉर्डर योजना के जरिये सीमाओं को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। आधुनिक सीमा तंत्र के चलते अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इससे सीमा प्रबंधन में एक सुरक्षित व्यवस्था का निर्माण सुनिश्चित होगा।
सीमावर्ती जिलों में पलायन का दबाव कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में लैंड पोर्ट्स की भूमिका बहुत अहम है।एलपीएमएस में सिंगल इलेक्ट्रॉनिक विंडो से 40-60 प्रतिशत समय की बचत होगी। 2014 में लैंड पोर्ट व्यापार 5000 करोड़ रुपये का था। गृह मंत्री ने कहा, देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए स्मार्ट बॉर्डर का नया डिजिटल आधार तैयार किया जा रहा है।
लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से भारतीय सीमा शुल्क इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरचेंज गेटवे (आईसीईगेट), मोटर वाहन प्रणाली, सीबीआईसी, बीएसएफ, डीजीएफटी, यूआईडीएआई और यूएलआईपी जैसी एजेंसियां एक मंच पर रीयल-टाइम डाटा साझा करेंगे। ऐसा होने से सीमा पर एजेंसियों के बीच समन्वय और ज्यादा मजबूत हो सकेगा।शाह ने कहा, लैंड पोर्ट केवल व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच, सांस्कृतिक संपर्क का माध्यम और सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन रोकने का भी साधन है।
लैंड पोर्ट अथॉरिटी, चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा रणनीति के प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रही है। कार्गो, वाहनों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय अब एक ही प्लेटफॉर्म पर हो सकेगा। एलपीएमएस ने लैंड पोर्ट्स को देश की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
