स्व से साक्षात्कार के 12 वर्ष
जीवन के संघर्षों से शिक्षित और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में दीक्षित मोदी जी ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, अनुशासन, संगठन क्षमता और समाज
जीवन के संघर्षों से शिक्षित और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में दीक्षित मोदी जी ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, अनुशासन, संगठन क्षमता और समाज के प्रति समर्पण का पाठ ग्रहण किया. यही संस्कार आज उनके नेतृत्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में दिखाई देते हैं. समाज के अंतिम व्यक्ति की पीड़ा को समझने की संवेदनशीलता, संकट की घड़ी में निर्णायक नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प और सेवा को सरकार का आधार बनाने की भावना उनके सार्वजनिक जीवन की विशिष्ट पहचान है.
