राहत सामग्री पर डाका: बंगाल के पूर्व मंत्री उज्ज्वल बिस्वास गिरफ्तार, घर के बाहर घंटों हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा
कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक विशिष्ट आपराधिक मामले के आधार पर यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक लंबी जांच और
कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक विशिष्ट आपराधिक मामले के आधार पर यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक लंबी जांच और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर ही पूर्व एमआईसी (मंत्री) को हिरासत में लिया गया। उन्हें बुधवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है।इस पूरे सियासी ड्रामे की शुरुआत मंगलवार दोपहर कृष्णानगर इलाके में हुई। पूर्व मंत्री उज्ज्वल बिस्वास के घर के बाहर एक मालवाहक गाड़ी आकर खड़ी हुई।
स्थानीय निवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने देखा कि इस गाड़ी में सरकारी राहत सामग्री के तिरपाल अवैध रूप से लादे जा रहे थे। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई। कुछ ही समय में पूर्व मंत्री के आवास के बाहर भारी संख्या में आक्रोशित लोग जमा हो गए। वहां मौजूद भीड़ ने पूर्व मंत्री पर आपदा राहत सामग्री को अवैध तरीके से अपने घर में रखने का संगीन आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।इसके बाद मौके पर हालात बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण हो गए।
उग्र भीड़ में से कुछ लोगों ने टीएमसी नेता उज्ज्वल बिस्वास पर अंडे भी फेंके। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पूर्व मंत्री के घर के भीतर सरकारी तिरपालों का एक बहुत बड़ा अवैध स्टॉक छुपाकर रखा गया है। इसे ही पिछले दरवाजे से गाड़ी में भरकर कहीं और ले जाने की कोशिश की जा रही थी।दूसरी तरफ पूर्व मंत्री उज्ज्वल बिस्वास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी हेराफेरी या गबन नहीं किया गया है।
लेकिन बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कोतवाली थाने की पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर बिस्वास को भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने शुरुआत में कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से रोकने के लिए उठाया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों ने मामले की व्यापक जांच की मांग तेज कर दी है।
