गृह मंत्री ने लॉन्च किया लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम: 11 नए लैंड पोर्ट होंगे विकसित, 83000 करोड़ का है व्यापार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में 'लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम' लांच किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में 'लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम' लांच किया है। शाह ने कहा, देश में फिलहाल 15 लैंड पोर्ट संचालित हैं। अगले 3 वर्ष में 11 और लैंड पोर्ट विकसित करने की योजना है। देश में लैंड पोर्ट व्यापार 83000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। गृह मंत्री शाह ने कहा, लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और स्मार्ट बॉर्डर योजना के जरिए सीमाओं को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।
आधुनिक सीमा तंत्र के चलते 'अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और एक सुरक्षित व्यवस्था' का निर्माण सुनिश्चित होगा। सीमावर्ती जिलों में पलायन का दबाव कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में लैंड पोर्ट्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च होने से 90 फीसदी कामकाज जो अभी तक कागजी प्रक्रिया के जरिए होता था, अब वह समाप्त हो जाएगा।सिंगल इलेक्ट्रॉनिक विंडो से 40-60 प्रतिशत समय की बचत होगी। शाह ने बताया कि स्मार्ट बॉर्डर का नया डिजिटल आधार तैयार किया जा रहा है।
साल 2014 में 5000 करोड़ रुपये का लैंड पोर्ट व्यापार था, अब यह व्यापार 83 हजार करोड़ के पार पहुंच गया है। मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में इस व्यापार में 16 गुना वृद्धि हुई है।लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से आईसीईगेट, मोटर वाहन प्रणाली, सीबीआईसी, बीएसएफ, डीजीएफटी, यूआईडीएआई और यूएलआईपी एक मंच पर रियल-टाइम डेटा साझा करेंगे। ऐसा होने से सीमा पर एजेंसियों के बीच समन्वय और ज्यादा मजबूत होगा।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, लैंड पोर्ट केवल व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच, सांस्कृतिक संपर्क का माध्यम और सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन रोकने का भी साधन है।
लैंड पोर्ट अथॉरिटी, चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा रणनीति के प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रही है। कार्गो, वाहनों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय अब एक ही प्लेटफॉर्म पर हो सकेगा। लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम ने लैंड पोर्ट्स को देश की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
