Nepal: बालेन शाह सरकार में सुदन गुरुंग की फिर होगी वापसी, बनेंगे गृह मंत्री; प्रधानमंत्री ने की सिफारिश
सुधन गुरुंग ने 22 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे। विवाद
सुधन गुरुंग ने 22 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने खुद ही पद छोड़ दिया था। पद छोड़ते समय गुरुंग ने कहा था कि आज के युवा सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, नेतृत्व को हमेशा जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पद पर रहते हुए हितों का टकराव हो सकता था, इसलिए जांच को पारदर्शी बनाने के लिए उन्होंने पद छोड़ना ही बेहतर समझा। पिछले डेढ़ महीने से गृह मंत्रालय का कामकाज खुद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह देख रहे थे।सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए 11 मई को एक विशेष समिति बनाई थी।
पूर्व न्यायाधीश अच्युत प्रसाद भंडारी ने इस समिति का नेतृत्व किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप दी है। हालांकि सरकार ने अभी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन खबरों के मुताबिक गुरुंग के खिलाफ कोई गलत सबूत नहीं मिले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुंग और विवादित कारोबारी दीपक भट्ट के बीच पैसों का कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। बैंकिंग रिकॉर्ड में भी किसी लेनदेन का पता नहीं चला है।गुरुंग पर व्यवसायी दीपक भट्टा की कंपनियों- स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो इंश्योरेंस में संस्थापक शेयरधारक होने का आरोप है।
दीपक भट्ट इस समय धन शोधन के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान गुरुंग ने बताया कि उन्होंने काठमांडू के ठमेल में एक होटल का संचालन किया था। उसी की कमाई को उन्होंने शेयर और सोने में निवेश किया। जब अप्रैल में मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा सामने आया, तो गुरुंग सबसे अमीर मंत्रियों में से एक निकले। उनके पास तय सीमा से अधिक जमीन और काफी नकद मौजूद था।इस पर सवाल उठे तो उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना बचाव किया। उन्होंने लिखा कि गरीब पैदा होना गलती नहीं है, लेकिन गरीब मरना गलती है।
उन्होंने तर्क दिया कि राजनीति में आने से पहले ईमानदारी से पैसा कमाना पाप नहीं है। सुधन गुरुंग पिछले साल शुरू हुए 'जेन-जी' आंदोलन के बड़े नेता हैं। वह गोरखा-1 क्षेत्र से सांसद चुने गए थे।राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री की सिफारिश मिल गई है। गुरुंग के साथ ही सांसद महाबीर पुन को भी मंत्री बनाया जाएगा। उन्हें विज्ञान, तकनीक और नवाचार मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलेगी। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल इन दोनों नेताओं को शपथ दिलाएंगे।
