Lucknow, India

POJK Protests: PAK सेना की बर्बरता पर भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, कहा- उम्मीद है, जवाबदेह ठहराया जाएगा

Published 8 June 2026 · world

#WATCH | Anti-Pakistan protestors gather in large numbers in Mirpur of Pakistan-occupied Jammu and Kashmir pic.twitter.com/JK8qnFkUb8 — ANI (@ANI) June 9, 2026 विदेश मंत्रालय के

#WATCH | Anti-Pakistan protestors gather in large numbers in Mirpur of Pakistan-occupied Jammu and Kashmir pic.twitter.com/JK8qnFkUb8 — ANI (@ANI) June 9, 2026 विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और संबंधित मुद्दों पर भारत की चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा फैलाई जा रही फर्जी खबरों और वीडियो के पैटर्न पर भारत की पैनी नजर है। रणधीर जायसवाल ने इसे पाकिस्तान की अपनी विफलताओं को छिपाने और मानवाधिकारों के हनन से ध्यान भटकाने का एक हताश प्रयास बताया।रणधीर जायसवाल ने पीओके में पुलिसिया बर्बरता की रिपोर्टों का जिक्र किया, जिसमें कई लोगों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की सूचना है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कुकर्मों और दुर्व्यवहारों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा फैलाया जा रहा दुष्प्रचार, क्षेत्र में उसकी अपनी समस्याओं और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान हटाने के लिए एक सुनियोजित चाल है। उन्होंने कहा कि भारत इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान पर जवाबदेही तय करने का आग्रह कर रहा है।पाकिस्तानी सेना ने कुछ दिनों पहले अपने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी। इस गोलाबारी में कई लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। हालांकि, अब तक मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है।पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी की घटना का बचाव करते हुए दावा किया कि उन पर संकरी गलियों से हथियारों और पेट्रोल बम से हमला किया गया था।

इसके बाद उन्होंने कार्रवाई शुरू की। पाकिस्तान ने इस प्रदर्शन की आवाज को दबाने की कोशिश में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया। इसके बावजूद मीरपुर, मुजफ्फरबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान, दादियाल, रावलकोट, सुधनोती और तत्तापानी में विरोध प्रदर्शन फैल गए हैं।पाकिस्तान के इस बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ब्रिटेन तक भी पहुंच गए हैं। ब्रिटेन में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर कश्मीरी प्रवासियों ने इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, इस घटना के बाद 50 ब्रिटिश सांसदों ने ब्रिटेन की सरकार को पत्र लिखकर हालात को शांत करने और हिंसा की जगह शांतिपूर्ण समाधान के लिए सक्रिय रूप से बातचीत करने का आग्रह किया है।गौरतलब है कि पाकिस्तानी सत्ता के खिलाफ विरोध समूहों के लगातार लामबंद होने से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे पीओके में प्रदर्शनकारियों द्वारा नियोजित लंबी पदयात्रा को रोक देंगे, जबकि आयोजकों ने प्रदर्शन को जारी रखने का संकल्प लिया है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "बांग्लादेश सीमा रक्षक बल और बीएसएफ के महानिदेशक स्तर की बैठक चल रही है। यह भारत और बांग्लादेश के बीच प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक द्विपक्षीय बैठक है।" बता दें कि बांग्लादेश की सीमा पर जारी बाड़बंदी को लेकर दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच छिटपुट झड़प की खबरें सामने आई हैं।

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