राज्यसभा उपचुनाव: 'सभी को संतुष्ट नहीं किया जा सकता, सम्मान हमेशा रहेगा'; भुजबल की नाराजगी पर NCP का जवाब
महाराष्ट्र में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने वरिष्ठ नेता छगन भुजबल की कथित नाराजगी की अटकलों को
महाराष्ट्र में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने वरिष्ठ नेता छगन भुजबल की कथित नाराजगी की अटकलों को खारिज किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने सोमवार को कहा कि भुजबल पार्टी के संस्थापक नेताओं में से एक हैं और उनका सम्मान हमेशा किया गया है तथा आगे भी किया जाता रहेगा। 'हर किसी को संतुष्ट करना संभव नहीं' राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए NCP ने छगन भुजबल के बजाय राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में भुजबल की नाराजगी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुनील तटकरे ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए सभी इच्छुक नेताओं को संतुष्ट करना संभव नहीं होता। उन्होंने कहा, "जब एक ही सीट होती है तो दावेदारों की संख्या उससे कहीं अधिक होती है। उम्मीद रखना गलत नहीं है। पार्टी के हर नेता और कार्यकर्ता ने अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया है, लेकिन हर किसी की अपेक्षाएं पूरी करना संभव नहीं होता।" तटकरे ने कहा कि छगन भुजबल NCP के स्थापना काल से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं और संगठन को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा भुजबल के विचारों और उनके उठाए मुद्दों को महत्व देती रही है और भविष्य में भी देती रहेगी। तटकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि उम्मीदवार चयन का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था। बैठक में मौजूद थे भुजबल NCP अध्यक्ष ने बताया कि उम्मीदवार के चयन को लेकर हुई बैठक में छगन भुजबल और वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे-पाटिल भी मौजूद थे। इसी बैठक में सर्वसम्मति से राजेंद्र जैन के नाम पर मुहर लगाई गई। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को भविष्य में उचित सम्मान और अवसर देने का प्रयास जारी रहेगा। वित्त मंत्रालय को लेकर CM से होगी चर्चा महायुति सरकार में वित्त मंत्रालय को लेकर चल रही चर्चा पर तटकरे ने कहा कि NCP के वरिष्ठ नेता जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी की कई मांगें लंबित हैं, जिनमें वित्त मंत्रालय का मुद्दा सबसे प्रमुख है। इस संबंध में मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की जाएगी। शिंदे-शाह मुलाकात पर भी दिया जवाब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया मुलाकातों को लेकर उठ रहे राजनीतिक कयासों पर भी तटकरे ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि शिंदे अपनी पार्टी शिवसेना को मजबूत करने में लगे हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं के बीच मुलाकात होना कोई असामान्य बात नहीं है। ऐसे संवाद गठबंधन की राजनीति का सामान्य हिस्सा हैं। सनातन धर्म के सम्मान और संरक्षण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध- CM फडणवीस वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य सरकार सनातन धर्म के संरक्षण और उससे जुड़े मुद्दों पर पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी धर्म के प्रति भेदभाव या दुर्भावना नहीं रखती, लेकिन यदि सनातन धर्म से जुड़े मामलों में कोई चुनौती या अन्याय सामने आता है तो सरकार सक्रिय भूमिका निभाएगी। ठाणे जिले के डोंबिवली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। यह कार्यक्रम उस अवसर पर आयोजित किया गया था, जब राज्य सरकार ने एक मंदिर ट्रस्ट को एमआईडीसी की चार एकड़ भूमि आवंटित की। फडणवीस ने बताया कि पिंपलेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी भूमि का मामला पिछले कई वर्षों से लंबित था।
इस संबंध में कई जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों ने लगातार प्रयास किए, जिसके बाद सरकार ने इस विषय को कैबिनेट स्तर पर उठाकर समाधान निकाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता। उनके अनुसार, मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लंबे संघर्ष तथा लगातार प्रयासों की वजह से यह संभव हो पाया। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े लंबित मामलों पर भी सरकार गंभीरता से विचार करेगी। इनमें मालंगगढ़, दुर्गाड़ी, खिडकाली और दत्त मंदिर जैसे स्थान शामिल हैं।
