ममता बनर्जी की पार्टी में सब ठीक?: टीएमसी में बढ़ी टूट की अटकलें, विरोध प्रदर्शन में पहुंचे सिर्फ 35 विधायक
बुधवार को विधानसभा परिसर में अंबेडकर प्रतिमा के पास टीएमसी के कुछ विधायकों ने पोस्ट-पोल हिंसा और हॉकर्स हटाने के अभियानों के खिलाफ धरना दिया। यह हार के बाद विपक्ष में आने के बाद पार्टी का पहला बड़ा संगठित विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है। इस प्रदर्शन में कुल 80
बुधवार को विधानसभा परिसर में अंबेडकर प्रतिमा के पास टीएमसी के कुछ विधायकों ने पोस्ट-पोल हिंसा और हॉकर्स हटाने के अभियानों के खिलाफ धरना दिया। यह हार के बाद विपक्ष में आने के बाद पार्टी का पहला बड़ा संगठित विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है। इस प्रदर्शन में कुल 80 विधायकों में से करीब 35 ही कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे संगठन के भीतर संभावित मतभेदों को लेकर अटकलें तेज हो गईं।वरिष्ठ टीएमसी विधायक शोभनदेव ने अंदरूनी कलह की बातों को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि कई विधायक पोस्ट-पोल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य में व्यस्त हैं, जबकि कुछ को कम समय में सूचना दी गई, जिससे वे शामिल नहीं हो सके।सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को कालीघाट में हुई बैठक में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी मौजूद थे। इसमें कुछ विधायकों ने यह चिंता जताई कि पार्टी केवल रणनीतिक बैठकों से वापसी नहीं कर सकती और उसे फिर से जनता के बीच सक्रिय आंदोलन की जरूरत है।
कई विधायकों ने यह भी कहा कि बंद कमरों में बैठकों से पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन वापस नहीं पा सकेगी। इस पृष्ठभूमि में बुधवार का
विरोध प्रदर्शन केवल पोस्ट-पोल हिंसा या अतिक्रमण हटाने के मुद्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके राजनीतिक संकेत भी गहरे माने जा रहे हैं।
