दिल्ली में जवाबदेही की आखिरी कड़ी भी 'खत्म', लोग तो मरेंगे ही
दिल्ली में यह सिलसिला इतनी बार दोहराया जा चुका है कि अब लोग इस पर ध्यान भी नहीं देते. एक इमारत गिरती है. धूल का
दिल्ली में यह सिलसिला इतनी बार दोहराया जा चुका है कि अब लोग इस पर ध्यान भी नहीं देते. एक इमारत गिरती है. धूल का गुबार उठता है.
मीडिया आता है. दुख जताया जाता है. जांच का भरोसा दिया जाता है. और फिर सब भूला दिया जाता है- अगली इमारत गिरने तक, अगले अग्निकांड तक, या किसी ऐसी अगली मौत तक जिसे रोका जा सकता था.
इसी माहौल के बीच, 19 जून 2025 को दिल्ली के एलजी वी.के. सक्सेना ने एक आदेश को मंजूरी दी, जिसे एक सामान्य प्रशासनिक फेरबदल की
तरह पेश किया गया.
