सीमा विवाद से लेकर व्यापार तक: एस जयशंकर से मुलाकात के बाद बदले नेपाल के सुर, कहा- टकराव नहीं सहयोग चाहिए
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने कहा कि उन्होंने 6 जून को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ विस्तार से बातचीत की। इस दौरान
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने कहा कि उन्होंने 6 जून को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ विस्तार से बातचीत की। इस दौरान व्यापार, सीमा पार संपर्क, ऊर्जा साझेदारी, जल संसाधन और लोगों के बीच रिश्तों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझा सीमाएं बाधा नहीं बल्कि मजबूत पुल बननी चाहिए। खनल ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच रिश्तों को भावनाओं नहीं बल्कि तथ्यों और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई पुराने मुद्दे हैं, लेकिन उन्हें बातचीत और राजनयिक प्रक्रिया के जरिए हल किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय टकराव का नहीं बल्कि सहयोग का है।
क्या बातचीत से हल निकालने की तैयारी है? शिशिर खनल ने माना कि भारत और नेपाल के बीच सीमा और सीमांकन से जुड़े कुछ पुराने विवाद मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नेपाल इन मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके और बातचीत के जरिए सुलझाना चाहता है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की तकनीकी टीमें सीमा क्षेत्रों में मिलकर काम कर रही हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी भारत के साथ हुई बातचीत में यह सहमति बनी है कि दोनों देश सभी मौजूदा तंत्रों को फिर से सक्रिय करेंगे ताकि लंबित मुद्दों का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं चाहता और वह कूटनीतिक प्रक्रिया पर भरोसा रखता है।
क्या नेपाल ने भारत की आर्थिक ताकत की तारीफ की? शिशिर खनल ने भारत को तेजी से उभरती आर्थिक और तकनीकी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि नेपाल आज के नए भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है। खनल ने कहा कि भारत ने वैश्विक मंच पर खुद को नई पहचान दी है और नेपाल इस विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि नेपाल की सबसे बड़ी प्राथमिकता आर्थिक बदलाव है। नेपाल चाहता है कि कागजों पर किए गए पुराने वादों को अब जमीन पर उतारा जाए। खनल ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते अतीत की चिंताओं से नहीं बल्कि भविष्य की उम्मीदों से आगे बढ़ने चाहिए। चीन-अमेरिका को लेकर नेपाल ने क्या संकेत दिए?
नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत-चीन-नेपाल त्रिपक्षीय विवाद पर कहा कि नेपाल ने भारत और चीन दोनों को आधिकारिक रूप से अपनी स्थिति बता दी है। उन्होंने कहा कि विवादित जमीन नेपाल की है और यह उसका ऐतिहासिक दावा है। हालांकि उन्होंने दोहराया कि नेपाल इन मुद्दों का समाधान बातचीत से ही चाहता है। अमेरिका के टैरिफ और व्यापारिक मुद्दों पर खनल ने कहा कि नेपाल लगातार अमेरिका के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार बनने के बाद कई उच्चस्तरीय बैठकें हुई हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि नेपाल हर बड़े देश के साथ संतुलित और व्यावहारिक रिश्ते रखना चाहता है।
