झाड़ग्राम में अवैध खनन का मामला: ED की रडार पर आए आईएएस अंसार शेख, पूछाताछ के बाद खंगाली जा रहीं फाइलें
अंसार शेख उस समय देश भर में सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने महज 21 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। वह देश के सबसे युवा आईएएस अधिकारियों में से एक हैं और फिलहाल मालदा जिले में एडीएम के पद
अंसार शेख उस समय देश भर में सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने महज 21 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। वह देश के सबसे युवा आईएएस अधिकारियों में से एक हैं और फिलहाल मालदा जिले में एडीएम के पद पर तैनात हैं। हालांकि, ईडी की जांच उस अवधि पर केंद्रित है जब शेख झाड़ग्राम में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) के रूप में तैनात थे। आरोप है कि इसी दौरान सुवर्णरेखा, कांसबाती और दुलुंग नदियों के तटों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू निकाला गया।
विपक्षी दलों ने लंबे समय से इस मुद्दे को उठाया है। विपक्ष का आरोप है कि इस अनियंत्रित अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा, बल्कि राज्य के खजाने को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि प्रशासनिक अधिकारियों के एक वर्ग ने बिना वैध लाइसेंस के या खनन नियमों का उल्लंघन करके नदी तटों से हो रहे इस अवैध खनन पर जानबूझकर आंखें मूंद लीं। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि उस अवधि में बालू का अवैध उठाव और तस्करी बेरोकटोक जारी रही, इसलिए प्रशासनिक भूमिका और संभावित चूकों की गहराई से जांच की जा रही है।एजेंसी उस दौरान के सभी आधिकारिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
एक अन्य अधिकारी के अनुसार, शेख से यह जानने के लिए पूछताछ की जा रही है कि फाइलों की मंजूरी किस स्तर पर हुई, निगरानी की क्या व्यवस्था थी और क्या इसमें कोई प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत शामिल थी।यह मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है। इससे पहले ईडी ने झाड़ग्राम के पूर्व जिला मजिस्ट्रेट सुनील अग्रवाल से भी पूछताछ की थी। इसके अलावा, पिछले साल नवंबर में केंद्रीय एजेंसी ने जीडी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर अरुण सराफ को गिरफ्तार किया था।
सराफ पर फर्जी ई-चालान का उपयोग करके बालू की चोरी, अवैध बिक्री और उसके परिवहन का गंभीर आरोप है।
