भांगड़ बम धमाका मामला: 14 दिन की NIA हिरासत में TMC के पूर्व विधायक, दक्षिण 24 परगना से किया गया था गिरफ्तार
एनआईए ने अदालत में दलील दी थी कि मोल्ला क्षेत्र के एक बेहद प्रभावशाली नेता हैं और अगर उन्हें जमानत या राहत दी गई, तो
एनआईए ने अदालत में दलील दी थी कि मोल्ला क्षेत्र के एक बेहद प्रभावशाली नेता हैं और अगर उन्हें जमानत या राहत दी गई, तो वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। एनआईए ने चलाया तलाशी अभियान दरअसल, राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले 19 मार्च को बम बनाने के दौरान हुए इस हादसे की जांच को लेकर एनआईए लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। इस धमाके में देशी बम बनाने वालों में से एक की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
एनआईए की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए मामले में चौथे आरोपी तृणमूल के पूर्व विधायक मोल्ला के मुख्य साजिशकर्ता होने का खुलासा हुआ। जांच के मुताबिक, मोल्ला ने ही दूसरे आरोपियों को बम बनाने के साथ ही धमाके वाली जगह के साथ छेड़छाड़ करने को कहा था। मोल्ला की गिरफ्तारी एक अन्य आरोपी सैन्नूर मोल्ला के पकड़े जाने के कुछ ही वक्त बाद हुई। धमाके के बाद सैन्नूर मोल्ला ने ही अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से मृतक और घायलों को इधर-उधर पहुंचाया था। उसने मृतक और घायलों को पहले एक स्थानीय अस्पताल के बाद फिर दूसरी जगह पहुंचाया और उसके बाद उन्हें एम्बुलेंस को सौंप दिया।
इस मामले में गिरफ्तार एम्बुलेंस ड्राइवर अभी न्यायिक हिरासत में है। मामले से जुड़ी किसी और साजिश का पता लगाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने जांच के लिए यह मामला राज्य पुलिस से अपने हाथ में लिया था। एनआईए ने अदालत में दलील दी थी कि मोल्ला क्षेत्र के एक बेहद प्रभावशाली नेता हैं और अगर उन्हें जमानत या राहत दी गई, तो वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।दरअसल, राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले 19 मार्च को बम बनाने के दौरान हुए इस हादसे की जांच को लेकर एनआईए लगातार तलाशी अभियान चला रही थी।
इस धमाके में देशी बम बनाने वालों में से एक की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। एनआईए की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए मामले में चौथे आरोपी तृणमूल के पूर्व विधायक मोल्ला के मुख्य साजिशकर्ता होने का खुलासा हुआ।
