परमानेंट जॉब्स का टूट रहा मिथक? Gen-Z को बड़ी सैलरी से ज़्यादा सुकून की चाह
डिग्री हासिल करने, अच्छी नौकरी पाने और धीरे-धीरे करियर की सीढ़ियां चढ़ने का सपना कभी युवाओं के लिए सफलता का सबसे भरोसेमंद तरीका था. माना
डिग्री हासिल करने, अच्छी नौकरी पाने और धीरे-धीरे करियर की सीढ़ियां चढ़ने का सपना कभी युवाओं के लिए सफलता का सबसे भरोसेमंद तरीका था. माना जाता था कि एक स्थायी नौकरी, नियमित सैलरी और लंबा करियर जीवनभर सिक्योरिटी की गारंटी हैं, लेकिन आज की पीढ़ी उस पूरी व्यवस्था को बदलते हुए देख रही है.
नए दौर में नौकरियों का ट्रेंड बदल गया है. युवा पीढ़ी का परंपरागत नौकरियों से मोहभंग हो रहा है. Gen-Z अब स्मार्ट वर्क करना चाहते
हैं, जिसमें मेहनत कम हो और इनकम ज्यादा. वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि कई सोशल मीडिया कॉन्टेंट क्रिएटर डॉक्टरों, सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, शिक्षकों और सरकारी
पदों पर बैठे लोगों से ज्यादा कमाई कर रहे हैं.
