Lucknow, India

दिल्ली होटल आग, मालिक 4 दिन पुलिस रिमांड पर:जलती इमारत के पास से गुजरा था, किसी को बचाया नहीं, डरकर भागा; 21 जानें गईं थी

Published 3 June 2026 · india

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश होटल में लगी आग मामले में मालिक लवकेश बजाज को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। बजाज को पुलिस ने दिल्ली कोर्ट में पेश किया था। वहीं, बजाज ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आग लगने

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश होटल में लगी आग मामले में मालिक लवकेश बजाज को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। बजाज को पुलिस ने दिल्ली कोर्ट में पेश किया था। वहीं, बजाज ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आग लगने के दौरान बजाज अपनी कार से जलती हुई इमारत के पास से गुजरा, लेकिन लोगों की मदद करने के बजाय वहां से निकल गया। उसने बताया कि वह डर के कारण मौके से भाग गया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने न तो किसी की मदद की और न ही घर गया। इसके बजाय वह शहर में इधर-उधर घूमता रहा। बुधवार को लगी इस भीषण आग ने पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई। घटना के कुछ घंटों बाद पुलिस ने बजाज को हिरासत में लिया था। होटल मालिक बोला- मैं नहीं दूसरे लोग संभालते थे काम गिरफ्तार होटल मालिक लवकेश बजाज ने बताया कि वह खुद होटल की निगरानी नहीं करता था। उसने होटल के मैनेजमेंट, बिलिंग और अकाउंट्स का काम किसी और व्यक्ति को दिया था। उसने यह भी कहा कि होटल में कमरे बड़े करने और अन्य बदलावों की सलाह भी किसी अन्य व्यक्ति ने दी थी। बजाज ने दावा किया कि सलाह देने वाले व्यक्ति ने उससे कहा था- होटल में ये सारे मॉडिफिकेशन नॉर्मल हैं और दिल्ली में सब चलता है। आज के अपडेट्स 6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे फ्लोरिश स्टे होटल के पास BB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। आग फैली तो लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, आग सुबह 8:30 बजे लगी।

कुछ मिनट में धुआं पूरी इमारत में फैल गया। ऊपरी मंजिलों पर ठहरे लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला। फायर सर्विस, पुलिस और स्थानीय लोगों ने 58 लोगों को बाहर निकाला। इनमें 35 घायल हैं। इस दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। मैक्स अस्पताल ने बताया, 39 लोगों को लाया गया था, जिसमें 18 की अस्पताल आने से पहले मौत हो चुकी थी। 15 आईसीयू में भर्ती हैं और इनमें 8 वेंटिलेटर पर हैं। मृतकों में 11 विदेशी और 10 भारतीय हैं। विदेशियों में 9 अफ्रीकी देशों और 2 तुर्कमेनिस्तान के नागरिक हैं। शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट होगा। पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। हादसा होने की 5 बड़ी वजह लोगों को बेसमेंट से ग्रिल तोड़कर निकाला गया अधिकारियों के अनुसार, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट था, जबकि बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों का इस्तेमाल होटल के रूप में किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद कई लोग बेसमेंट में फंस गए। एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि बेसमेंट का दरवाजा बंद था और उसे खोलने में दमकलकर्मियों को 20 मिनट से ज्यादा समय लग गया। दमकलकर्मियों ने ग्रिल काटकर लोगों को बाहर निकाला गया और उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। एक रास्ता, बंद खिड़कियां और सेंसर वाला दरवाजा बना मौत का जाल अधिकारियों के अनुसार, पांच मंजिला होटल में अंदर आने और बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता था। खिड़कियां सील कर दी गई थीं और मेन गेट सेंसर से चलता था। इन सभी कारणों ने मिलकर इमारत को लोगों के लिए मौत का जाल बना दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ मेहमान उस समय सो रहे थे। साकेत के अस्पताल में अपनों की तलाश में जुटे रोते-बिलखते रिश्तेदारों ने बताया कि शव इस कदर झुलस चुके हैं कि तस्वीरों से भी उनकी पहचान करना नामुमकिन हो रहा है। पिता को देखने आए थे, परिवार के 8 लोग मृत गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल मैक्स अस्पताल में भर्ती पिता का हालचाल लेने आए थे।

परिवार इसी होटल में ठहरा था। हादसे में विवेक, पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता, बेटी जीविषा व वार्या, झावेरी, मामा अशोक गोयल और मौसी कमला की मौत हो गई। अजमेर निवासी कारोबारी अशोक पंसारी, उनकी बुआ और फूफा की भी अग्निकांड में मौत हो गई। ये मैक्स में भर्ती रिश्तेदार का हालचाल लेने आए थे और इसी होटल में थे। मामा बोले- जिसे पाला-पोसा, उसी का अंतिम संस्कार करना पड़ा तर्जनी के मामा अजय गुप्ता से भास्कर रिपोर्टर ने बात की। उन्होंने कहा- जिस भांजी को अपने हाथों से पाला-पोसा, उसकी शादी की, आज उसी का अंतिम संस्कार भी अपने हाथों से करना पड़ा। इससे बड़ी बदकिस्मती क्या होगी। अब हमारे पास बचा ही क्या है। जीना तो पड़ेगा, लेकिन जीने की वजह चली गई। तर्जनी के कजन भाई अंकुश गुप्ता ने भास्कर से कहा कि परिवार के सभी लोगों की मौत हो गई। घर में दीया जलाने वाला भी कोई नहीं बचा। परिवार मौसा जी को देखने गया था। मौसा जी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनके साथ गए परिवार के बाकी सदस्य अब इस दुनिया में नहीं रहे। चश्मदीद बोले- सोकर उठा, खिड़कियों से लटके हुए दिखे लोग होटल के सामने रहने वाली अंजुम ने बताया कि सुबह 8 बजे दमकल को फोन किया था, पर गाड़ियां देर से पहुंचीं। पार्क में टहल रहे अश्विन की नजर धुएं के गुबार पर पड़ी, तो वे घटनास्थल की ओर भागे। अश्विन ने बताया, ‘लोगों की मदद से वहां से गुजर रही एम्बुलेंस को रुकवाया। पीड़ितों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अनीता चौधरी ने बताया, ‘कई धमाकों की गूंज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। चारों तरफ अफरा-तफरी थी। हालात देखकर कॉलोनी के निवासी अंदर फंसे लोगों की मदद के लिए होटल की इमारत की ओर दौड़ पड़े।’ हौजरानी गांव के वसीम राजा ने बताया, ‘अधिकांश धुएं से बेहोश हो गए थे। हमने बिना हिचकिचाहट उन्हें सीपीआर देना शुरू किया। इसी सूझबूझ से कुछ की मौके पर ही जान बचाई जा सकी, हालांकि कुछ को नहीं बचा पाए।’ होटल के पास रहने वाले आसिफ ने बताया- सोकर उठा, तो होटल से धुआं निकल रहा था।

फंसे लोग खिड़कियों और बालकनियों से लटककर मदद की गुहार लगा रहे थे। नए गद्दे लाकर सड़क बिछाए, कई की जान बचाई फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले स्थानीय लोग बचाव में जुट गए। होटल के सामने कंबल-गद्दे की दुकान चलाने वाले अरमान ने दुकान से सभी नए गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दीं। अरमान ने कहा, होटल की ऊपरी मंजिल से कई लोग इन्हीं गद्दों पर गिरे, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली। स्थानीय युवक अफजल, शाहरुख, अनीस, आमिर और वसीम ने लोगों को निकालने में मदद की। कम से कम 10 लोगों को सीपीआर भी दी। दिल्ली अग्निकांड की 9 तस्वीरें… हाई कोर्ट ने जनवरी में मांगा था एक्शन प्लान, अब हादसा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में दावा किया गया है कि राजधानी में करीब 1000 लाइसेंसी होटल और गेस्ट हाउस हैं, लेकिन केवल 52 के पास वैध फायर NOC है। इस साल 7 जनवरी को कोर्ट ने दिल्ली सरकार, एमसीडी और एनडीएमसी को फायर सेफ्टी पर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता अधिवक्ता अर्पित भार्गव का कहना था कि बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस जरूरी अग्नि सुरक्षा मानकों के बिना संचालित हो रहे हैं। सुनवाई के करीब 5 महीने बाद अब हादसा हो गया है। अधिकारियों ने बताया, जिस होटल में आग लगी उसका नक्शा नहीं था। दिल्ली में जनवरी 2021 से आग से 445 मौत देश की राजधानी दिल्ली में जनवरी 2021 से मई 2026 हादसों में 6,466 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14,857 लोग घायल हुए हैं। इनमें आगजनी में 445 लोगों की मौत और 3193 लोग घायल हुए। अन्य घटनाओं में 6021 लोगों की मौत और 11,718 लाेग घायल हुए है। ---------------------------------- हादसे से जुड़ी

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