भास्कर स्टिंग-ऑपरेशन, लोकायुक्त DG ने 2 को बर्खास्त किया:भोपाल, रीवा और सागर SP को भी हटाया; 2 DSP, 3 कर्मचारियों पर पहले ही एक्शन
दैनिक भास्कर डिजिटल के स्टिंग ऑपरेशन के बाद लोकायुक्त डीजी योगेश देशमुख ने तीसरी बार बड़ा एक्शन लिया है। हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह ठाकुर और ड्राइवर अमित विश्वकर्मा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। दोनों ने वॉयस मैनेज करने के एवज में भास्कर रिपोर्टर से डील की थी। अमित विश्वकर्मा
दैनिक भास्कर डिजिटल के स्टिंग ऑपरेशन के बाद लोकायुक्त डीजी योगेश देशमुख ने तीसरी बार बड़ा एक्शन लिया है। हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह ठाकुर और ड्राइवर अमित विश्वकर्मा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। दोनों ने वॉयस मैनेज करने के एवज में भास्कर रिपोर्टर से डील की थी। अमित विश्वकर्मा ने केस मैनेज करने के लिए डीएसपी बीएम द्विवेदी के 5 लाख और मंजू सिंह के 3 लाख रुपए बताए थे। वहीं यशवंत ठाकुर ने कहा था कि ट्रांस्क्रिप्ट में फेरबदल करने के लिए बुंदेलखंडी बोली में प्रैक्टिस करना पड़ेगी। दोनों को जो आरोप पत्र दिए हैं उनमें भास्कर की खबर का जिक्र है। तीन संभागों के एसपी हटाए गए इससे पहले शुक्रवार सुबह भोपाल, सागर और रीवा संभाग के 3 एसपी हटाए गए थे।
भोपाल संभाग से हटाकर SP दुर्गेश कुमार राठौर को सागर भेजा गया। SP योगेश्वर शर्मा को सागर से हटाकर रीवा भेजा गया। वहीं, रीवा में पदस्थ सुनील पाटीदार को भोपाल संभाग की जिम्मेदारी दी गई। बता दें भास्कर की खबर के बाद दो दिन में दो डीएसपी, तीन हेड कॉन्स्टेबल, एक कॉन्स्टेबल और ड्राइवर पर एक्शन लिया जा चुका है। स्टिंग के बाद तीन कर्मचारी सस्पेंड किए गए थे भास्कर की पहली खबर बुधवार को पब्लिश हुई थी। उसी दिन लोकायुक्त DG ने हेड कॉन्स्टेबल रामदास कुर्मी, यशवंत सिंह ठाकुर और कॉन्स्टेबल गौरव साहू को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था। इसके अलावा हेड कॉन्स्टेबल बृजबिहारी पांडेय और संविदा वाहन चालक अमित विश्वकर्मा के लिए सस्पेंशन की अनुशंसा की थी।
दो DSP को सस्पेंड करने DGP को लेटर स्टिंग ऑपरेशन के दूसरे पार्ट में 4 जून को DSP स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत का खुलासा हुआ था। इसके बाद DSP बीएम द्विवेदी और मंजू सिंह को लोकायुक्त से हटाकर PHQ अटैच कर दिया गया है। दोनों DSP के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का प्रस्ताव DGP कैलाश मकवाना को भेजा था। ये खबरें भी पढ़ें… ………………………………… 3 जून को पब्लिश पार्ट-1 पढ़ें… एमपी लोकायुक्त के भीतर रिश्वतखोरी का सिस्टम कैमरे में कैद एमपी में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने वाले लोकायुक्त संगठन के भीतर ही रिश्वत लेकर केस कमजोर करने वाला नेटवर्क सक्रिय है। भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में दो कॉन्स्टेबल, एक टेक्नीशियन और एक रीडर कैमरे में रिश्वत की डील करते दिखे।
पढ़ें पूरी खबर… 4 जून को पब्लिश पार्ट-2 भी पढ़ें… लोकायुक्त डीएसपी बोलीं- चोरी सब करते हैं...पकड़ा गया वो चोर ‘ऑपरेशन लोकायुक्त’ के पहले पार्ट में लोकायुक्त के टेक्नीशियन, आरक्षक और रीडर ट्रैप केस कमजोर करने के बदले रिश्वत मांगते कैमरे में कैद हुए थे। उन्होंने डीएसपी स्तर के दो अधिकारियों के लिए 3 से 5 लाख रुपए की रिश्वत डील की थी। टेक्नीशियन अमित विश्वकर्मा ने पूरी बातचीत में डीएसपी मैडम और डीएसपी सर का नाम लिया था। पढ़ें पूरी खबर…