Lucknow, India

'शशि थरूर ने दी थी छापा मारने की धमकी', ललित मोदी ने लगाए गंभीर आरोप; सोनिया का भी लिया नाम

Published 4 June 2026 · politics

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने साल 2010 के कोच्चि टस्कर्स केरल फ्रेंचाइजी विवाद को लेकर तत्कालीन यूपीए सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि जब उन्होंने सुनंदा पुष्कर से

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने साल 2010 के कोच्चि टस्कर्स केरल फ्रेंचाइजी विवाद को लेकर तत्कालीन यूपीए सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि जब उन्होंने सुनंदा पुष्कर से जुड़े एक 'अनुचित इक्विटी समझौते' और टीम की संदिग्ध वित्तीय संरचना पर सवाल उठाए, तो उन पर भारी राजनीतिक दबाव डाला गया। ललित मोदी के अनुसार, इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने उन्हें छापे मारने की फोन पर धमकी दी थी, जबकि सोनिया गांधी, अहमद पटेल और प्रणब मुखर्जी जैसे कांग्रेस के शीर्ष नेता थरूर के समर्थन में उनके खिलाफ लामबंद हो गए थे। विवाद के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर का समर्थन कौन कर रहा था, यह पूछे जाने पर ललित मोदी ने जवाब दिया, "सोनिया गांधी। हर तरफ से मुझ पर निशाना साधा जा रहा था। मुझे अहमद पटेल के फोन आते थे, उन दिनों प्रणब मुखर्जी के फोन आते थे... मैं उन सभी के साथ दोस्ताना था।

राजीव शुक्ला भी मेरे पास आकर मुझे ये करने को कहते थे, वो करने को कहते थे।" ललित मोदी के अनुसार, कोच्चि कंसोर्टियम द्वारा 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की बोली लगाकर फ्रैंचाइज अधिकार जीतने के बाद चिंताएं उत्पन्न हुईं। उन्होंने दावा किया कि कंसोर्टियम की वित्तीय संरचना पर सवाल उठते हैं क्योंकि कुछ शेयरधारक पूरी लागत का भुगतान कर रहे थे जबकि एक अन्य हितधारक आनुपातिक योगदान दिए बिना इक्विटी प्राप्त कर रहा था। खबरें और भी कंसोर्टियम के सदस्यों के साथ हुई चर्चाओं को याद करते हुए ललित मोदी ने कहा, सुनंदा पुष्कर नाम की महिला के अलावा सभी शेयरधारक मौजूद थे। आप सुनंदा पुष्कर नाम की महिला को 25% शेयर दे रहे हैं। वह कौन है? आप राजस्व का 15% हिस्सा छोड़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, "कोई व्यक्ति ऐसे कंसोर्टियम के लिए 350 मिलियन डॉलर का भुगतान कैसे कर सकता है जहां 75% शेयरधारक पूरी लागत का भुगतान कर रहे हैं, और किसी अन्य व्यक्ति को 25% मुफ्त इक्विटी मिल रही है?" ललित मोदी ने आरोप लगाया कि फ्रेंचाइजी मिलने के बाद पुष्कर की हिस्सेदारी का मूल्य तेजी से बढ़ गया।

उन्होंने कहा, "टीम मिलने के दिन उनकी 10 रुपये की हिस्सेदारी 1 लाख रुपये की हो गई थी। उनकी 10 रुपये की हिस्सेदारी 1 पैसे के बराबर रह गई थी। मुझे पता था कि यह सब धराशायी हो जाएगा। और हुआ क्या? दो साल बाद, ऐसा ही हुआ।" उन्होंने यह भी दावा किया कि बेंगलुरु में एक बैठक के दौरान, उन्होंने सभी शेयरधारकों की पहचान पता चलने तक फ्रेंचाइजी समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। उस घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे पता ही नहीं था कि सुनंदा पुष्कर कौन हैं। मैंने कंसोर्टियम के सदस्यों से पूछा, 'वह कौन हैं?' एक व्यक्ति ने कहा कि वह एक ऑटोमोबाइल डीलर की बेटी हैं, एक मशहूर मार्केटिंग पर्सन। शशि थरूर का आया था फोन मैंने कहा, 'अरे, मैं भारत में एक मार्केटिंग पर्सन हूं, और मैं उन्हें नहीं जानता।'" ललित मोदी ने आगे आरोप लगाया कि बाद में उन्हें तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का फोन आया था। ललित मोदी ने याद करते हुए बताया, “मुझे शशि थरूर का फोन आया।

उन्होंने कहा, ‘ललित, सुनंदा पुष्कर के बारे में मत पूछो। वह मेरी अच्छी दोस्त हैं।’ मैंने पूछा क्यों, तो उन्होंने कहा, ‘अगर तुमने पूछा तो मैं सुबह तुम्हारे घर पर छापा मरवा दूंगा।’ मैंने कहा, ‘भाड़ में जाओ। तुम खुद को क्या समझते हो? तुम भारत के विदेश मंत्री हो सकते हो, लेकिन मुझसे ऐसा कहने की हिम्मत मत करना।’ मैंने फोन पटक दिया और कहा कि मैं हस्ताक्षर नहीं करूंगा।” ललित मोदी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कोच्चि के आईपीएल में प्रवेश का समर्थन किया था, जबकि उस समय केरल में ऐसा कोई स्टेडियम नहीं था जो सभी आवश्यकताओं को पूरा करता हो। "उस समय थारूर ने मुझसे चापलूसी की और मुझसे यह काम करवाया। वह मेरे घर आया था। वह निसंदेह मीठी बातें करने वाला था। मैं उसकी बातों में आ गया।"

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