Lucknow, India

MP से राज्यसभा की रेस में कमलनाथ आगे:जातीय समीकरणों में अरुण, सज्जन और ब्राह्मण, क्षत्रिय नेता भी शामिल; 8 जून तक नॉमिनेशन होगा

Published 2 June 2026 · india

MP से राज्यसभा की रेस में कमलनाथ आगे विजय सिंह बघेल। भोपाल एमपी में राज्यसभा की तीन सीटों पर नामांकन 8 जून तक दाखिल किए जाएंगे। इनमें दो सीटों पर बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है। कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर उम्मीदवारों को लेकर दिल्ली में मंथन

MP से राज्यसभा की रेस में कमलनाथ आगे विजय सिंह बघेल। भोपाल एमपी में राज्यसभा की तीन सीटों पर नामांकन 8 जून तक दाखिल किए जाएंगे। इनमें दो सीटों पर बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है। कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर उम्मीदवारों को लेकर दिल्ली में मंथन तेज हो गया है।. कर्नाटक में नए सीएम डीके शिवकुमार के आज शपथ ग्रहण समारोह के बाद दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में बैठक हो सकती है। दो दिनों में राज्यसभा के उम्मीदवारों के नाम तय होने की संभावना है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल। खरगे और सोनिया ने कहा तो दिग्विजय जा सकते हैं मौजूदा राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह तीसरी बार राज्यसभा जाने से मना कर चुके हैं।

अब सीनियर लीडर्स में पूर्व सीएम कमलनाथ का नाम सबसे आगे है। हालांकि, कमलनाथ के मामले सोनिया गांधी की भूमिका सबसे अहम होगी। कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि दिग्विजय के मामले में अंतिम फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी लेंगी। यानी अगर सोनिया खरगे ने कहा तो दिग्विजय तीसरी बार राज्यसभा जा सकते हैं। कमलनाथ। जीतू भी समीकरण बनाने में जुटे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भले ही सार्वजनिक तौर पर खुद को राज्यसभा की रेस से अलग कर चुके हों, लेकिन अंदरखाने वे पार्लियामेंट के अपर हाउस जाने के लिए जोड़-तोड़ लगा रहे हैं। जीतू पटवारी को दिग्विजय सिंह पहले ही कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का करीबी बता चुके हैं।

जीतू को प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी का भी समर्थन हासिल है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी। अब जातीय समीकरणों में नए चेहरों पर मंथन कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्यसभा के लिए जातीय समीकरणों के हिसाब से भी नेताओं के नामों पर मंथन कर रही है। इस रेस में सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के नेताओं के नामों को खोजा गया है। अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल, सज्जन सिंह वर्मा सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा नेता इस रेस में शामिल हैं। अगर कमलेश्वर पटेल की बात की जाए तो 1996 में एनएसयूआई के जरिए वह राजनीति में आए।

फिर युवा कांग्रेस में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कई अहम पदों पर रहे। दो बार विधायक और कमलनाथ सरकार में पंचायत मंत्री रहे हैं। वर्तमान में कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी (कांग्रेस वर्किंग कमेटी) के मेंबर हैं। विंध्य रीजन सहित पूरे एमपी में कुर्मी वोटर्स के सहारे राज्यसभा जाने के प्रयास में हैं। इससे पहले विंध्य क्षेत्र के ही कुर्मी नेता राजमणि पटेल अप्रैल 2024 तक राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।

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