बंगाल में महाराष्ट्र जैसा खेला?: '50 विधायक हमारे साथ, हम असली तृणमूल कांग्रेस', रिजु दत्ता के दावे से हड़कंप
बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। दो विधायकों को निष्कासन के अब ऐसे दावे किए जा रहे है कि तृणमूल कांग्रेस के अंदर फूट पड़ सकती है। पार्टी से निकाले गए नेता रिजु दत्ता ने दावा किया
बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। दो विधायकों को निष्कासन के अब ऐसे दावे किए जा रहे है कि तृणमूल कांग्रेस के अंदर फूट पड़ सकती है। पार्टी से निकाले गए नेता रिजु दत्ता ने दावा किया कि 80 में से 50 से ज्यादा विधायक खुद को असली तृणमूल बताने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि ये विधायक पार्टी पर अपना दावा ठोक सकते हैं।
टीएमसी में टूट की चर्चा ने कब से पकड़ा जोर? तृणमूल कांग्रेस में टूट और बगावत की चर्चा ने मुख्य रूप से 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के बाद जोर पकड़ा। 4 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के साथ टीएमसी का राज्य पर 15 साल का शासन समाप्त हो गया और भाजपा ने बहुमत (208 सीटें) हासिल किया, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई।
इसके बाद से टीएमसी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लगातार इस हार के लिए शीर्ष नेतृत्व (ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी) के साथ चुनाव लड़ने वाले नेताओं को घेरा है।ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित विधायकों- ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने कोलकाता के ईएम बाईपास स्थित एक होटल में लगभग 50 बागी विधायकों के साथ कई गुप्त बैठकें की हैं। दावा किया जा रहा है कि यह बागी गुट खुद को असली तृणमूल के रूप में पेश करने और एक अलग धड़ा बनाने पर विचार कर रहा है।
दल-बदल विरोधी कानून से अयोग्यता से बचने के लिए इन्हें 53 विधायकों (दो-तिहाई) के समर्थन की जरूरत है और वे कथित तौर पर इस आंकड़े को जुटाने की कोशिश में हैं।
