Lucknow, India

बंगाल में TMC तोड़ सकते हैं निकाले गए विधायक:बोले- हम असली तृणमूल, 50 से ज्यादा MLA साथ; नेता विपक्ष हमारा हो, चुनाव चिन्ह भी मिले

Published 2 June 2026 · politics

बंगाल में TMC तोड़ सकते हैं निकाले गए विधायक: बोले- हम असली तृणमूल, 50 से ज्यादा MLA साथ; नेता विपक्ष हमारा हो, चुनाव चिन्ह भी मिले कोलकाता 28 मिनट पहले ऋतब्रत बनर्जी हावड़ा से उलुबेरिया पुरबा सीट और संदीपन साहा मध्य कोलकाता के एंटाली से विधायक हैं। ममता बनर्जी की

बंगाल में TMC तोड़ सकते हैं निकाले गए विधायक: बोले- हम असली तृणमूल, 50 से ज्यादा MLA साथ; नेता विपक्ष हमारा हो, चुनाव चिन्ह भी मिले कोलकाता 28 मिनट पहले ऋतब्रत बनर्जी हावड़ा से उलुबेरिया पुरबा सीट और संदीपन साहा मध्य कोलकाता के एंटाली से विधायक हैं। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस दो गुटों में बंट सकती है। पार्टी से निकाले गए नेता रिजू दत्ता ने दावा किया कि 80 में से 50 से ज्यादा विधायक खुद को असली तृणमूल बताने की तैयारी कर रहे हैं। रिजू ने दावा किया है कि आज ये सभी विधायक विधानसभा स्पीकर के पास जाएंगे और तीन मुद्दे उठाएंगे। पहला- हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं। दूसरा- विपक्ष के नेता ऋतब्रत होंगे, न कि शोभनदेव। तीसरा- हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए चुनाव चिह्न हमारा होना चाहिए। बंगाल में TMC के 80 विधायक हैं। नए गुट को मान्यता के लिए दो-तिहाई यानी 54 विधायकों की जरूरत होगी। इससे कम विधायक होने पर स्पीकर नए गुट को मान्यता नहीं देंगे। टूट का दावा करने वाले रिजू दत्ता विधायक नहीं हैं। इधर, सोमवार को TMC से निकाले गए 2 विधायकों संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने कोलकाता के MLA हॉस्टल में TMC के कई विधायकों के साथ मीटिंग की। इसमें ममता के कई खास विधायक भी शामिल हुए। टूट की संभावनाओं पर 3 बयान BJP ने कहा- TMC के लिए हमारे दरवाजे बंद: पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा TMC के लिए हमारे दरवाजे बंद हैं। हमने किसी को बाहर से लाए बिना 207 का आंकड़ा छू लिया। इस बार हमारी राजनीतिक रणनीति जमीनी स्तर से शुरू हुई। हम ऐसे लोगों को अपनी पार्टी में कैसे शामिल कर सकते हैं जो दागी हैं? BJP का तृणमूलीकरण कभी नहीं होगा। पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा TMC के लिए हमारे दरवाजे बंद हैं। हमने किसी को बाहर से लाए बिना 207 का आंकड़ा छू लिया। इस बार हमारी राजनीतिक रणनीति जमीनी स्तर से शुरू हुई।

हम ऐसे लोगों को अपनी पार्टी में कैसे शामिल कर सकते हैं जो दागी हैं? BJP का तृणमूलीकरण कभी नहीं होगा। TMC का दावा- ज्यादातर विधायक ममता के साथ रहेंगे: TMC के शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी के ज्यादातर विधायक दलबदल की अटकलों के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ ही रहेंगे और TMC के पुराने नेता संगठन पर अपना नियंत्रण बनाए रखेंगे। TMC के शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी के ज्यादातर विधायक दलबदल की अटकलों के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ ही रहेंगे और TMC के पुराने नेता संगठन पर अपना नियंत्रण बनाए रखेंगे। कांग्रेस बोली- लगता नहीं TMC जिंदा रह पाएगी: कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि ममता ने जो बोया, वही काट रही हैं। असलियत यह है कि उनके पास विरोध करने के लिए लोग ही नहीं हैं। मुझे नहीं लगता TMC आगे जिंदा रह पाएगी। TMC के कार्यकर्ताओं में बहुत असंतोष है। ममता को अब 'INDIA' ब्लॉक को मजबूत करने के बारे में सोचना चाहिए। TMC टूट की 3 संभावनाएं पहली: दो तिहाई विधायक भाजपा में शामिल हों। TMC के कुल 80 विधायकों में से दो तिहाई (54 विधायक) भाजपा में शामिल होने का फैसला लें। ऐसे में दलबदल कानून नहीं लगेगा। हालांकि भाजपा ने इनकार कर दिया है। दूसरी: TMC में 2 गुटों में बंट जाए। एक ग्रुप पार्टी से अलग होकर असली TMC का दावा करे। इसके लिए भी 54 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगा। अगर ऐसा होता है तो बड़े गुट के दावे पर चुनाव आयोग फैसला लेगा। मामला कोर्ट भी जा सकता है। हालांकि इसके लिए दो-तिहाई यानी 28 में से 19 लोकसभा सांसदों की भी जरूरत भी होगी। किसी पार्टी के बागी नेताओं के लिए सिर्फ विधानसभा संख्या ही निर्णायक नहीं होती। शिवसेना और NCP मामलों में निर्वाचन आयोग ने केवल विधायक नहीं देखे थे, बल्कि यह भी देखा था कि कितने सांसद किसके साथ हैं, पार्टी संगठन किसके साथ है, अधिकृत पदाधिकारी किसके साथ हैं।

अगर नया गुट सांसदों को अपनी तरफ नहीं ला पाता है तो उन्हें विधानसभा में नेता विपक्ष का पद तो मिल सकता है, लेकिन पार्टी का नाम और चिन्ह नहीं मिल सकता। अगर TMC के विधायक टूट जाएं, लेकिन सांसद, संगठन, जिला अध्यक्ष, राज्य कमेटी और पार्टी संविधान का कंट्रोल ममता के पास रहे, तो बागी गुट को नया दल बनाना पड़ सकता है। तीसरा: नया गुट अलग होकर अपनी नई पार्टी बना सकता है। इसके लिए भी 54 विधायकों को एक साथ TMC छोड़कर नई पार्टी में शामिल होना पड़ेगा। इस मामले में संविधान क्या कहता है अगर किसी राष्ट्रीय/राज्य स्तर की पार्टी के विधायक बागी हो जाएं, तो वे सीधे पार्टी पर दावा नहीं कर सकते। यह मामला मुख्य रूप से दसवीं अनुसूची में दिए दलबदल कानून, पार्टी संगठन के संविधान और निर्वाचन आयोग के नियमों से तय होता है। 91वें संविधान संशोधन (2003) के बाद कम से कम दो-तिहाई विधायक मूल पार्टी से अलग होने का निर्णय लेते हैं, तो उन्हें अयोग्यता से छूट मिल सकती है। इसके बाद चुनाव आयोग यह जांच करता है कि पार्टी पर असली नियंत्रण किसका होगा। इसके लिए 4 पॉइंट तय हैं… पार्टी संगठन किसके साथ है? राष्ट्रीय/राज्य कार्यकारिणी किसके साथ है? पार्टी संविधान क्या कहता है? चुने हुए प्रतिनिधियों का समर्थन किसे है? फर्जी साइन की शिकायत करने पर निकाले गए 2 विधायक सोमवार को ममता बनर्जी ने TMC से 2 विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाल दिया था। दोनों ने स्पीकर से शिकायत की थी कि पार्टी ने शोभनदेव को नेता विपक्ष बनाने वाले प्रस्ताव में उनके उनके फर्जी साइन किए थे। साहा और बनर्जी का आरोप है कि यह शिकायत करने पर ही दोनों TMC से निकाले गए। पिछले 12 दिन में हुए घटनाक्रम, जिनसे TMC में टूट के रास्ते बने 31 मई- ममता की बैठक में 80 में 60 विधायक नहीं पहुंचे: ममता ने TMC विधायकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन 80 में से सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे।

60 विधायकों के नहीं आने पर बैठक टाल दी गई। TMC प्रवक्ता कुनाल घोष ने कहा कि सभी विधायक अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में प्रदर्शन की तैयारी में व्यस्त हैं। ममता ने TMC विधायकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन 80 में से सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे। 60 विधायकों के नहीं आने पर बैठक टाल दी गई। TMC प्रवक्ता कुनाल घोष ने कहा कि सभी विधायक अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में प्रदर्शन की तैयारी में व्यस्त हैं।। उन्होंने कहा कि यहां भगवा कपड़े पहने 10-15 BJP के गुंडे थे, जिन्होंने अचानक नारे लगाए, मुझे गालियां दी और पत्थर से हमला किया। सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि हुगली में पुलिस स्टेशन के बाहर BJP समर्थकों ने उन पर हमला किया, जिससे वे घायल हो गए। उन्होंने कहा कि यहां भगवा कपड़े पहने 10-15 BJP के गुंडे थे, जिन्होंने अचानक नारे लगाए, मुझे गालियां दी और पत्थर से हमला किया।। उन पर अंडे और चप्पल भी फेंके गए थे। अभिषेक ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की कोशिश की गई। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दक्षिण सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट हुई थी। उन पर अंडे और चप्पल भी फेंके गए थे। अभिषेक ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की कोशिश की गई। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।। इस्तीफे से पहले काकोली CM शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल हुई थीं। बंगाल के बारासात से TMC सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे से पहले काकोली CM शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल हुई थीं।। विधानसभा चुनाव हार के बाद यह पार्टी का पहला बड़ा संगठित विरोध प्रदर्शन था, लेकिन इसमें भी केवल 35 विधायक ही पहुंचे थे। बंगाल की राजनीति से जुड़ी

Read full story on TheBriefWire

Loading…