Lucknow, India

जेट, सेट, गो... 114 नए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में भारत, फ्रांस पहुंचे वायुसेना प्रमुख

Published 2 June 2026 · india

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह चार दिन की यात्रा पर फ्रांस गए हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह भारतीय

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह चार दिन की यात्रा पर फ्रांस गए हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह भारतीय वायु सेना के इतिहास में लड़ाकू विमानों की खरीद की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत ने राफेल जेट खरीदने के लिए फ्रांस को एक आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। अब फ्रांस इसकी कीमत, उत्पादन क्षमता और लॉजिस्टिक्स सहायता से जुड़ी विस्तृत जानकारी के साथ जवाब देगा। कब पक्का होगा सौदा? इस जवाब के अगले दो से तीन महीनों में आने की उम्मीद है। इसके बाद दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होगी। अधिकारियों का मानना है कि यह सौदा अगले एक साल के भीतर पक्का हो सकता है।

वायुसेना प्रमुख का ये दौरा क्यों महत्वपूर्ण है? वायु सेना प्रमुख की इस यात्रा को महज एक औपचारिक दौरा नहीं माना जा रहा है। उम्मीद है कि वे फ्रांस की प्रमुख रक्षा कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इनमें डसॉल्ट एविएशन शामिल है, जो राफेल बनाती है और MBDA शामिल है जो Meteor और SCALP जैसी एडवांस्ड मिसाइलें बनाती है। खबरें और भी माना जा रहा है कि ये चर्चाएं सिर्फ विमानों की खरीद तक ही सीमित नहीं रहेंगी। इन बातचीत में भारत में उत्पादन, तकनीकी सहयोग और भारतीय हथियारों को इंटीग्रेट करने जैसे विषय भी शामिल हो सकते हैं। पीएम मोदी भी कर सकते हैं फ्रांस का दौरा सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून के मध्य में फ्रांस का दौरा भी कर सकते हैं। यदि यह दौरा होता है तो राफेल सौदा प्रमुख मुद्दों में से एक हो सकता है।

यह सौदा 'सरकार-से-सरकार' (Government-to-Government) मॉडल के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। इसलिए, दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत को क्यों है विमानों की जरूरत? भारतीय वायु सेना के लिए 42 स्क्वाड्रन की स्वीकृत संख्या निर्धारित है। लेकिन, वर्तमान में उसके पास केवल 29 स्क्वाड्रन हैं। मिग-21 जैसे पुराने विमानों को सेवा से हटाने के बाद यह कमी और बढ़ गई है। यही कारण है कि 114 नए मल्टीरोल लड़ाकू विमानों की योजना बनाई गई है। इस दौड़ में राफेल को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वायु सेना के पास पहले से ही 36 राफेल जेट मौजूद हैं। भारत में बनाए जा सकते हैं ज्यादातर विमान इस प्रस्तावित सौदे का सबसे खास पहलू इन विमानों का भारत में ही उत्पादन होना है। सूत्रों के मुताबिक, 114 में से 94 जेट विमान भारत में ही बनाए जा सकते हैं।

बाकी विमान सीधे फ्रांस से आएंगे। इसके लिए डसॉल्ट एविएशन किसी भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी कर सकती है। रक्षा मंत्रालय इस प्रोजेक्ट में लगभग 50% स्वदेशीकरण चाहता है। इसका मतलब है कि विमानों में कई भारतीय सिस्टम और हथियार लगाए जा सकते हैं। इसे 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। भारत और फ्रांस के बीच राफेल को लेकर सहयोग कोई नई बात नहीं है। साल 2016 में दोनों देशों ने 36 राफेल जेट के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उन सभी विमानों की डिलीवरी पूरी हो चुकी है। उन्हें अंबाला और हाशिमारा एयर बेस पर तैनात किया गया है।

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