Lucknow, India

Karnataka: डीके शिवकुमार के सीएम बनने पर भावुक हुईं शिक्षिका, बोलीं- बचपन से थे नेतृत्व क्षमता से भरपूर

Published 1 June 2026 · india

कर्नाटक में नए नेतृत्व परिवर्तन हो रहा है। सिद्धारमैया को हटाकर कांग्रेस अब डी.के. शिवकुमार को कमान सौंपने जा रही है। इसी बीच डी.के. शिवकुमार की शिक्षिका रही पार्वती ने उनके लिए गर्व महसूस किया है। डी.के की शिक्षिका ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं

कर्नाटक में नए नेतृत्व परिवर्तन हो रहा है। सिद्धारमैया को हटाकर कांग्रेस अब डी.के. शिवकुमार को कमान सौंपने जा रही है। इसी बीच डी.के. शिवकुमार की शिक्षिका रही पार्वती ने उनके लिए गर्व महसूस किया है। डी.के की शिक्षिका ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष और नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। शिक्षिका ने शिवकुमार को पांचवीं से सातवीं कक्षा तक पढ़ाया था। उन्होंने उनके बचपन की कई यादें साझा कीं। पार्वती विज्ञान और अंग्रेजी विषय पढ़ाती थीं। शिवकुमार सक्रिय, शरारती और ऊर्जावान छात्र थे उन्होंने बताया कि शिवकुमार पढ़ाई में औसत छात्र थे, लेकिन खेलकूद और अन्य गतिविधियों में हमेशा आगे रहते थे। वह बेहद सक्रिय, शरारती और ऊर्जावान छात्र थे। शिक्षिका के अनुसार, नेतृत्व के गुण उनमें बचपन से ही दिखाई देते थे। वह स्कूल के खेल कप्तान थे और अपने साथियों के बीच प्रभावशाली भूमिका निभाते थे।

उन्होंने कहा कि शिवकुमार हमेशा नेतृत्व करना चाहते थे और उनमें लोगों को साथ लेकर चलने की क्षमता थी। शिक्षिका ने बताया कि शिवकुमार वाद-विवाद, भाषण, नृत्य और नाटक जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। वह स्कूल के लगभग हर कार्यक्रम में सक्रिय रहते थे। पार्वती ने कहा कि वह उनके पसंदीदा छात्रों में से एक थे। समय के साथ शिक्षक और छात्र का यह रिश्ता बना रहा। पार्वती ने बताया कि शिवकुमार राजनीति में आगे बढ़ने के बाद भी उनसे जुड़े रहे। वह उनके विवाह में भी शामिल हुई थीं। बाद में जब शिवकुमार विधायक बने, तब भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपना स्कूल शुरू किया था, तब शिक्षा विभाग से जुड़ी प्रक्रियाओं में शिवकुमार ने उनकी मदद की थी। उनके अनुसार, शिवकुमार हमेशा सहयोग के लिए तैयार रहते थे। अपने पूर्व छात्र के मुख्यमंत्री बनने पर पार्वती ने खुशी और गर्व व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद राज्य का सर्वोच्च पद होता है और शिवकुमार ने यह मुकाम अपने मेहनत से हासिल किया है। वह उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि, उन्होंने अपने पूर्व छात्र को एक सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवकुमार को शिक्षा सुधारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों के हित में ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो उनके विकास में मदद करें। कैसा रहा शुरूआती जीवन शिवकुमार का जन्म कर्नाटक के बैंगलोर के पास कनकपुरा में 15 मई 1962 को हुआ था। शिवकुमार के पिता केम्पेगौड़ा और मां गौरम्मा वोक्कालिगा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। छोटा भाई डीके सुरेश भी राजनीति में है। शिवकुमार की शादी 1993 में उषा से हुई। दोनों की दो बेटियां, ऐश्वर्या और आभरण हैं। एक बेटा आकाश है। सबसे बड़ी बेटी की शादी कैफे कॉफी डे के संस्थापक वी जी सिद्धार्थ के बेटे अमर्त्य से हुई है।

राजनीतिक जीवन की शुरूआत डीके शिवकुमार ने 1980 के दशक की शुरुआत में एक छात्र नेता के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। पहली बार 1989 में मैसूरु जिले के सथानूर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए। तब उनकी उम्र 27 साल थी। शिवकुमार शुरू से ही कांग्रेस में रहे हैं। इसके बाद शिवकुमार ने 1994, 1999 और 2004 के विधानसभा चुनावों में उसी निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। 2008, 2013, 2018 और 2023 में कनकपुरा निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। दो जुलाई 2020 को शिवकुमार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। इस बार विधानसभा चुनाव की पूरी जिम्मेदारी भी उन्हीं के सिर पर थी। वह आठ बार कर्नाटक में विधायक चुने जा चुके हैं।

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