Lucknow, India

सिवनी में कुआं धंसा, मां-बेटी मलबे में दबीं:नानी को ग्रामीणों ने निकाला, अस्पताल में भर्ती; दो जेसीबी की मदद से रेस्क्यू जारी

Published 1 June 2026 · health

सिवनी में कुआं धंसा, मां-बेटी मलबे में दबीं कुएं के मलबे से मां-बेटी को निकालने की कोशिशें जारी हैं। मध्यप्रदेश के सिवनी में तराई के दौरान नए बने कुएं की रिंग और दीवार धंस गई। मलबे में नानी, मां और बेटी दब गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके

सिवनी में कुआं धंसा, मां-बेटी मलबे में दबीं कुएं के मलबे से मां-बेटी को निकालने की कोशिशें जारी हैं। मध्यप्रदेश के सिवनी में तराई के दौरान नए बने कुएं की रिंग और दीवार धंस गई। मलबे में नानी, मां और बेटी दब गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुटे। 75 वर्षीय समानिया बाई जंघेला को निकाल लिया लेकिन अनुसुइया जंघेला (41) और उसकी बेटी स्वाति जं. हादसा बडोल थाना इलाके के दुकली गांव में सोमवार दोपहर करीब 4 बजे हुआ। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अमले के साथ मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू शुरू किया। कुएं के चार में से तीन हिस्से धंस गए ग्रामीणों के अनुसार, जंघेला परिवार ने करीब एक महीने पहले घर से 400 मीटर दूर नया कुआं बनवाया था।

हाल ही में उसमें सीमेंट की रिंग और दीवार बनाई गई थी। सोमवार को समानिया बाई अपनी बेटी अनुसुइया और नातिन स्वाति के साथ कुएं की तराई कर रही थीं। दुकली निवासी पुरुषोत्तम डेहरिया ने बताया कि कुएं के चार गोल हिस्सों में से तीन हिस्से एक साथ धंस गए। रिंग फिसलकर अनुसुइया और स्वाति के ऊपर आ गिरी, जिससे दोनों मलबे में दब गईं। देखिए, चार तस्वीरें… तीनों महिलाएं इसी कुएं की दीवार की तराई करने पहुंची थीं। पुलिस और प्रशासन की टीम मां-बेटी के रेस्क्यू में जुटी है। दो जेसीबी की मदद से कुएं से मलबा निकाला जा रहा है। समानिया बाई को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

नानी ने बताया कैसे हुआ हादसा पुरुषोत्तम ने बताया कि हादसे के बाद समानिया बाई ने बताया कि सबसे पहले स्वाति नीचे गिरी, उसके बाद अनुसुइया और फिर वह खुद भी कुएं में चली गईं। हालांकि ग्रामीणों ने तत्काल प्रयास कर उन्हें बाहर निकाल लिया। उन्होंने बताया कि स्वाति ने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी है। 100 से ज्यादा ग्रामीण बचाव में जुटे हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुरुषोत्तम के मुताबिक, उस समय करीब 80 से 100 लोग घटनास्थल पर मौजूद थे। उन्होंने बताया, "कुआं लगातार फिसल रहा था। हमने आम के पेड़ के सहारे रस्सी बांधी और मैं सीधे कुएं में उतरा।

नानी को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन मौसी और बहन तक नहीं पहुंच पाए। जिला अस्पताल में भर्ती हैं समानिया बाई घायल समानिया बाई जंघेला को सिवनी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं प्रशासन की टीम जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सावधानीपूर्वक मलबा हटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान में जल्दबाजी नहीं की जा रही है, ताकि मलबे में फंसी दोनों महिलाओं तक सुरक्षित पहुंचा जा सके।

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