Lucknow, India

पंजाब SC कमीशन ने केंद्रीय मंत्री को किया तलब:4 जून को रवनीत बिट्टू को होना होगा पेश, संगरूर पुलिस ने दाखिल की रिपोर्ट

Published 1 June 2026 · politics

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा एसी वर्ग को लेकर दिए बयान पर अपना पक्ष पेश करते हुए संगरूर पुलिस के अधिकारी। पंजाब में निकाय चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा एससी वर्ग को लेकर की गई टिप्पणी मामले में उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। आयोग ने

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा एसी वर्ग को लेकर दिए बयान पर अपना पक्ष पेश करते हुए संगरूर पुलिस के अधिकारी। पंजाब में निकाय चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा एससी वर्ग को लेकर की गई टिप्पणी मामले में उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। आयोग ने उन्हें तलब करते हुए 4 जून को पेश होने के लिए कहा है। हालांकि, बिट्टू पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मा. इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें पता चला है कि रवनीत सिंह बिट्टू ने धूरी दौरे के दौरान जातिवादी शब्दों का प्रयोग किया था, जिसके संबंध में एसएसपी संगरूट से रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन आयोग ने आज पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट से असहमति व्यक्त की है। अब पढ़िए 4 मिनट की बातचीत सवा 4 मिनट तक यह सुनवाई चली: संगरूर पुलिस के अधिकारी एससी कमीशन के चेयरमैन के सामने पेश हुए। करीब सवा 4 मिनट तक यह सुनवाई चली। इस दौरान पुलिस अधिकारी ने जाते ही सारे दस्तावेज चेयमरैन को सौंपे। संगरूर पुलिस के अधिकारी एससी कमीशन के चेयरमैन के सामने पेश हुए। करीब सवा 4 मिनट तक यह सुनवाई चली। इस दौरान पुलिस अधिकारी ने जाते ही सारे दस्तावेज चेयमरैन को सौंपे। अधिकारी से पूछा क्या पक्ष है उसका: शुरू चेयरमैन ने पूछा कि क्या मामला है।

अधिकारी का जबाव था कि जो केंद्रीय मंत्री ने बिट्टू ने बयान दिया था उस संबंधी रिकार्ड लेकर आया हूं। फिर पुलिस के अधिकारी से पूछा क्या पक्ष है उसका, मुझे इसमें कुछ मिला नहीं है। शुरू चेयरमैन ने पूछा कि क्या मामला है। अधिकारी का जबाव था कि जो केंद्रीय मंत्री ने बिट्टू ने बयान दिया था उस संबंधी रिकार्ड लेकर आया हूं। फिर पुलिस के अधिकारी से पूछा क्या पक्ष है उसका, मुझे इसमें कुछ मिला नहीं है। स्क्रिप्ट तो पूरी दुनिया ने देख ली: पुलिस अधिकारी ने कहा कि जो स्क्रिप्ट है, वह सारी इसमें है। इस पर चेयरमैन ने कहा कि स्क्रिप्ट तो पूरी दुनिया ने देख ली। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जो स्क्रिप्ट है, वह सारी इसमें है। इस पर चेयरमैन ने कहा कि स्क्रिप्ट तो पूरी दुनिया ने देख ली। पड़ताल रिपोर्ट जमा करवा दी: अधिकारी ने कहा फिलहाल उसकी रिपोर्ट है। इसके बाद वह कहते हैं रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा जो बोला गया था, उसकी आडियो चेयरमैन सुनते हैं। साथ ही कहते हैं इस संबंधी तथ्य व सूचना की पड़ताल रिपोर्ट जमा करवा दी गई है। अधिकारी ने कहा फिलहाल उसकी रिपोर्ट है। इसके बाद वह कहते हैं रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा जो बोला गया था, उसकी आडियो चेयरमैन सुनते हैं। साथ ही कहते हैं इस संबंधी तथ्य व सूचना की पड़ताल रिपोर्ट जमा करवा दी गई है।

दलित भाईचारे से माफी मांगी है: वह अधिकारी से पूछते हैं कि कोई माफीनामा भी आया है बिट्टू का। इस पर पुलिस अधिकारी कहते हैं कि उन्होंने दलित भाईचारे से माफी मांगी है। चेयरमैन से अधिकारी कहते हैं कि दिखाइए। इस दौरान पुलिस अधिकारी अपना फोन देखने लगते हैं। इस पर चेयरमैन कहते है "एसपी साहिब, आप बिना तैयारी के आए हैं।" वह अधिकारी से पूछते हैं कि कोई माफीनामा भी आया है बिट्टू का। इस पर पुलिस अधिकारी कहते हैं कि उन्होंने दलित भाईचारे से माफी मांगी है। चेयरमैन से अधिकारी कहते हैं कि दिखाइए। इस दौरान पुलिस अधिकारी अपना फोन देखने लगते हैं। इस पर चेयरमैन कहते है "एसपी साहिब, आप बिना तैयारी के आए हैं।" 4 जून को अपना पक्ष रखने के लिए तलब: अधिकारी कहते हैं, “नहीं सर।”इस पर आगे चेयरमैन कहते हैं कि अब रवनीत सिंह बिट्टू को 4 जून को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया जाता है।केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए। मामले में अब तक क्या-क्या हुआ… 26 मई: संगरूर के धूरी में नगर परषिद चुनाव के लिए वोटिंग के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस हुई। बहस के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर ने खुद को किसान का बेटा बताया तो बिट्टू ने उसे टोकते हुए पूछा कि क्या एससी (अनुसचित जाति) के लोग बुरे होते हैं।

ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 29 मई: पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने मामले पर संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर माना। आयोग के अध्यक्ष ने संगरूर के SSP को मामले की जांच कर 1 जून तक रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। 30 मई: वाल्मीकि और दलित समाज के विभिन्न संगठनों ने बयान के विरोध में कई जगह प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री के पुतले फूंके। उन्होंने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। 31 मई: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अमृतसर में अपने विवादित बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के उन सभी लोगों से माफी मांगते हैं, जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि केंद्रीय मंत्री के पद पर रहते हुए उनके मुंह से ऐसे शब्द नहीं निकलने चाहिए थे। बिट्टू ने कहा कि उस समय माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन सामाजिक सद्भाव और भाईचारा उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंजाब एससी कमीशन के अध्यक्ष उन्हें बुलाते हैं, तो वह आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी माफीनामा देने के लिए तैयार हैं।

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