Lucknow, India

कौन हैं नागेंद्र नाथ त्रिपाठी? भाजपा ने बनाया राष्ट्रीय संगठक, संभाल चुके हैं कई बड़े पद

Published 1 June 2026 · india

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने सांगठनिक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने के अभियान में लगी हुई है। हाल ही में चार प्रमुख राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति करने के बाद सोमवार को पार्टी आलाकमान की ओर से एक और बड़ा फैसला लिया गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने सांगठनिक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने के अभियान में लगी हुई है। हाल ही में चार प्रमुख राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति करने के बाद सोमवार को पार्टी आलाकमान की ओर से एक और बड़ा फैसला लिया गया। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने वरिष्ठ नेता नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को पार्टी का नया राष्ट्रीय संगठक नियुक्त किया है। इस नई जिम्मेदारी के तहत उनका मुख्य कार्यक्षेत्र देश की राजधानी दिल्ली रहेगा। इस नियुक्ति से पहले तक वह बिहार और झारखंड राज्यों में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। सांगठनिक मजबूती का लंबा अनुभव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बैकग्राउंड से आने वाले नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को बीजेपी के उन चुनिंदा और माहिर रणनीतिकारों में गिना जाता है, जो लाइमलाइट से दूर रहकर जमीन पर संगठन को धार देने के लिए जाने जाते हैं।

उन्होंने लंबे समय तक बिहार और झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में दोनों राज्यों में पार्टी के आधार को मजबूत किया। यही नहीं, इससे पहले वे लगभग आठ सालों तक उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य में भी बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री की कमान संभाल चुके हैं। उनके इसी लंबे सांगठनिक अनुभव को देखते हुए अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी भूमिका सौंपी गई है। खबरें और भी आरएसएस के जरिए रखी सामाजिक जीवन की नींव उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के बेलौली गांव के एक कृषक परिवार में जन्मे नागेंद्र नाथ त्रिपाठी अपने भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं।

उनके पिता का नाम गिरिजा पति त्रिपाठी और माता का नाम गणेशा देवी है। बस्ती में अपनी स्कूली पढ़ाई के दौरान ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। इसके बाद वे लंबे समय तक संघ में सक्रिय रहे और एक समर्पित प्रचारक के तौर पर काम करते हुए नौजवानों के बीच वैचारिक चेतना जगाने और सांगठनिक ढांचे को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। विद्यार्थी परिषद से बीजेपी संगठन महामंत्री तक का सफर संघ के बाद उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों पर रहते हुए काम किया, जहां उनके नेतृत्व और संगठन कौशल को पहचान मिली। उनके इसी हुनर को देखते हुए साल 2003 में उन्हें उत्तर प्रदेश बीजेपी का संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया।

इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और चुनावी रणनीति को धार देने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। उत्तर प्रदेश में करीब आठ सालों तक शानदार सांगठनिक सेवाएं देने के बाद, साल 2011 में पार्टी ने उन्हें बिहार बीजेपी के संगठन महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।

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