Rahul Gandhi: 'छात्रों की तीन मांगे हैं, इनपर कोई समझौता नहीं होगा', राहुल गांधी ने केंद्र के सामने रखी शर्तें
पहला- शिक्षा मंत्री, जो भ्रष्ट और अयोग्य हैं और जिनका रवैया गलत है, उन्हें हटाया जाए...केंद्रीय कैबिनेट में इस बात पर चर्चा हो रही है
पहला- शिक्षा मंत्री, जो भ्रष्ट और अयोग्य हैं और जिनका रवैया गलत है, उन्हें हटाया जाए...केंद्रीय कैबिनेट में इस बात पर चर्चा हो रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेज दिया जाए। भारत के छात्रों को यह मंजूर नहीं है। यह किसी को भी मंजूर नहीं है। वजह यह है कि प्रधान भ्रष्टाचार और भारत के बच्चों के भविष्य के साथ जो हुआ है, उसकी निशानी हैं। वह देश की सबसे कीमती चीज - यानी हमारे छात्रों और उनके भविष्य - की बर्बादी की निशानी हैं। इसलिए, धर्मेंद्र प्रधान को इधर-उधर करने, पीछे या आगे करने जैसी कोई बात नहीं होगी। धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा। शिक्षा मंत्री, जो भ्रष्ट और अयोग्य हैं और जिनका रवैया गलत है, उन्हें हटाया जाए...केंद्रीय कैबिनेट में इस बात पर चर्चा हो रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेज दिया जाए।
भारत के छात्रों को यह मंजूर नहीं है। यह किसी को भी मंजूर नहीं है। वजह यह है कि प्रधान भ्रष्टाचार और भारत के बच्चों के भविष्य के साथ जो हुआ है, उसकी निशानी हैं। वह देश की सबसे कीमती चीज - यानी हमारे छात्रों और उनके भविष्य - की बर्बादी की निशानी हैं। इसलिए, धर्मेंद्र प्रधान को इधर-उधर करने, पीछे या आगे करने जैसी कोई बात नहीं होगी। धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा। दूसरा- हजारों युवाओं के पैर और सिर लाठीचार्ज में टूट गए हैं और जिनके शरीर में छर्रे लगे हैं। जिन लोगों ने ऐसा किया है- चाहे वे इसे आयोजित करने वाले हों या इसे अंजाम देने वाले; उन्हें सजा मिलनी चाहिए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। हजारों युवाओं के पैर और सिर लाठीचार्ज में टूट गए हैं और जिनके शरीर में छर्रे लगे हैं। जिन लोगों ने ऐसा किया है- चाहे वे इसे आयोजित करने वाले हों या इसे अंजाम देने वाले; उन्हें सजा मिलनी चाहिए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
तीसरा- यह है कि इस पूरे तंत्र के मुखिया, यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को, छात्रों और देश के भविष्य के साथ जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए माफी मांगनी होगी। मेट्रो बंद करो। रास्ते बंद करो। दुकानें बंद करो। Internet बंद करो। खाना बंद करो। अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए। बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक। — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 25, 2026 इस प्रेस वार्ता से पहले कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक वीडियो भी साझा किया गया है। जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नीट पेपर लीक समेत तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखने के साथ-साथ केंद्र पर हमला बोलते हुए दिखाया गया है। इस पोस्ट का शीर्षक है- छात्रों के साथ, हम हमेशा खड़े थे, हैं और रहेंगे।इससे पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए मेट्रो, सड़कें, दुकानें और इंटरनेट तक बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक जैसी समस्या को नहीं रोक पा रही है।
